Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

शिव मंदिर में सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता

लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती।

सिवान। सिवान जिले के महाराजगंज प्रखंड के महुआरी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है। सावन माह में मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। प्रतिदिन महुआरी, विशुनपुर, बेलदारी टोला, गौतम टोला सहित आसपास के पांच गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करते हैं। पूरे सावन माह मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहता है।

महुआरी स्थित शिव मंदिर 

मंदिर का इतिहास: करीब 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर आज भी क्षेत्र की

आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पहले खपड़ानुमा इस मंदिर में छोटा शिवलिंग स्थापित था। 1975 में तत्कालीन पुजारी केशव पांडेय ने ग्रामीणों के सहयोग से चंदा जुटाकर सुरखी से मंदिर का निर्माण कराया। बाद में सुरेश पांडेय ने जीर्णोद्धार कराया और वर्तमान पुजारी ब्रजमोहन पांडेय उर्फ कंटर बाबा ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का भव्य निर्माण कर रहे हैं। महुआरी सहित पांच गांवों के श्रद्धालु यहां नियमित जलाभिषेक करते हैं। सावन में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है।

मंदिर की विशेषताः

12 कट्ट्ठा में फैले मंदिर परिसर में

भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, लक्ष्मी और हनुमान की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर के पीछे 15 कट्‌ट्ठा में स्थित पोखरा इसकी सुंदरता को और निखारता है। धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का यह संगम श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।

ऐसे पहुंचे मंदिर : महाराजगंज से दक्षिण दिशा में पांच किलोमीटर की दूरी पर मंदिर स्थित है। वहीं बसंतपुर से उत्तर दिशा में 18 किलोमीटर, आकाशी मोड़ से पूर्व की ओर तीन किलोमीटर तथा पटेढ़ी से पश्चिम दिशा में तीन किलोमीटर की दूरी तय कर श्रद्धालु मंदिर पहुंच सकते हैं