नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार
नई दिल्ली। भारत की सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक और प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ मंदिर में 11 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। वर्ष 1951 में हुए सोमनाथ मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
गुजरात सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के इस दौरे की तैयारियों का खाका तैयार कर लिया है। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री जीतू वाघानी ने इस अवसर को ऐतिहासिक गौरव का क्षण बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में पार्टी की हालिया चुनावी सफलता का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्र के लिए “दूसरी स्वतंत्रता” जैसा महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई की सुबह जामनगर से सोमनाथ पहुंचेंगे। त्रिवेणी हेलीपैड से वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा तक करीब एक किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित किया जाएगा। रोड शो में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य और 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकियां भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित करेंगी।
प्रधानमंत्री मंदिर में कुंभाभिषेक, ध्वजा पूजन और महापूजा में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना का सूर्यकिरण एयर शो भी आयोजित किया जाएगा तथा हेलीकॉप्टर से मंदिर के शिखर पर पुष्प वर्षा की जाएगी। ऋषिकुमारों और पारंपरिक वेशभूषा में सजी अहीर महिलाओं के साथ इस बार विशेष रूप से बंगाली परिवार भी पारंपरिक परिधान में प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे।
मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अटूट संकल्प का परिणाम था। उन्होंने याद दिलाया कि 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने यहां प्राण-प्रतिष्ठा की थी, जो भारत के राष्ट्रीय आत्म-सम्मान का प्रतीक बना था।
सोमनाथ में सद्भावना मैदान पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री वडोदरा रवाना होंगे। वहां वे ‘सरदारधाम शैक्षणिक परिसर’ का उद्घाटन करेंगे, जिसे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित बताया गया है।
इस प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्नवाजा, वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, सांसद राजेश चूड़ासमा और विधायक अनिरुद्ध दवे समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।







