लोकल डेस्क, एन के सिंह।
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दो दर्जन नामजद और करीब 60 अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज, सरकारी कार्य में बाधा और जानलेवा हमले की गंभीर धाराओं में कार्रवाई।
पूर्वी चंपारण: जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के दुदही गांव में साइबर फ्रॉड के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी में पुलिस ने अब तक करीब एक दर्जन उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस पर हुए इस सुनियोजित हमले का नेतृत्व कथित तौर पर स्थानीय सरपंच की पत्नी ने किया था, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। खाकी पर हाथ डालने की इस हिमाकत के बाद जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है और गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, हरसिद्धि पुलिस को दुदही क्षेत्र में साइबर धोखाधड़ी में संलिप्त कुछ अपराधियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस की टीम संदिग्धों को दबोचने पहुंची, तो वहां मौजूद ग्रामीणों और अपराधियों के गुर्गों ने टीम को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई और उपद्रवियों ने पुलिस बल पर ईंट-पत्थर से हमला बोल दिया। इस हमले में महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया था ताकि पुलिस बल प्रभावी जवाबी कार्रवाई न कर सके। जांच में यह बात सामने आई कि सरपंच की पत्नी ने ही भीड़ को उकसाकर पुलिस टीम पर हमला करवाया था, ताकि साइबर अपराधियों को भागने का मौका मिल सके।
इस दुस्साहस के बाद पुलिस ने रात भर दुदही और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस मामले में दो दर्जन से अधिक नामजद और करीब पांच दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने सीधे तौर पर हमले में हिस्सा लिया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झुना कुमार, सुमन कुमार, शिव शंकर साहनी, छठी कुमारी, अंतिमा कुमारी, उमा देवी, ललिता देवी, राजनंदनी कुमारी, सुनीता कुमारी और अंशु कुमारी के रूप में हुई है। इन सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने और अपराधियों को संरक्षण देने जैसी संगीन धाराएं लगाई गई हैं।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसपी ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराध और अपराधियों की मदद करने वालों का सामाजिक और कानूनी बहिष्कार सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने यह संदेश दे दिया है कि वर्दी पर हमला करने वालों का अंजाम बेहद बुरा होगा।







