विदेश डेस्क : ऋषि राज
वॉशिंगटन: रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया है। अमेरिकी नेतृत्व का कहना है कि यह समुद्री मार्ग केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी कारण इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन बनाए रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है। उनका मानना है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। दूसरी ओर ईरान इस क्षेत्र में अपनी संप्रभुता और सुरक्षा हितों का हवाला देते हुए अमेरिकी रुख पर आपत्ति जता रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ा है और संघर्षविराम समझौते पर भी सवाल उठे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी प्रकार का तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र में अस्थिरता बनी रहती है तो दुनिया भर के आयातक देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार इस समय सबसे बड़ी आवश्यकता सैन्य टकराव को कम करने और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की है। कई देशों ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक निगाहें अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं। यदि तनाव कम होता है तो ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है, लेकिन टकराव बढ़ने की स्थिति में इसका असर विश्व व्यापार, समुद्री परिवहन और तेल की कीमतों पर व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।







