लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
- नारायणी वाङ्मय प्रतिष्ठान द्वारा किया गया आयोजन।
वीरगंज: नारायणी वाङ्मय प्रतिष्ठान, पर्सा–वीरगंज द्वारा 113वीं भानु जयंती विविध साहित्यिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से मनाई गई। स्थानीय होटल पूजन में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों तथा साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नारायणी वाङ्मय प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विशम्भर शर्मा ने की, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर डॉ. व्रतराज आचार्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर नेपाली भाषा और साहित्य के आदिकवि भानुभक्त आचार्य के योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. आचार्य ने कहा कि भानुभक्त आचार्य द्वारा रचित कविताएँ, रामायण तथा अन्य साहित्यिक कृतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। उन्होंने नेपाली भाषा एवं साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए नई पीढ़ी को भानुभक्त की रचनाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर डॉ. दीपक शाक्य, प्याब्सन पर्सा की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशीला शाह, गौतम माध्यमिक विद्यालय के विद्यालय प्रशासक रमेश शर्मा सहित साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
इसी अवसर पर नारायणी वाङ्मय प्रतिष्ठान एवं लक्ष्मी समाज के संयुक्त तत्वावधान में भानु जयंती विशेष कविता पाठ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भानुभक्त आचार्य की रचनाओं तथा नेपाली साहित्य से संबंधित कविताओं का प्रभावशाली पाठ कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में वीरगंज स्थित नवदीप एकेडमी की कक्षा 10 की छात्रा प्रियंका साह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एसईई की तैयारी और परीक्षा की व्यस्तता के बावजूद प्रतियोगिता में भाग लेकर उत्कृष्ट कविता पाठ प्रस्तुत करते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास, लगन और साहित्य के प्रति रुचि का प्रभावशाली परिचय दिया।
प्रियंका की इस उपलब्धि पर नवदीप एकेडमी परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय ने भविष्य में भी विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ साहित्य, कला एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि भानु जयंती केवल एक साहित्यिक उत्सव नहीं, बल्कि नेपाली भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनका विश्वास था कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देंगे।







