1139 मिनट तक ‘चट्टान’ बने सोनल दिनुशा, भारत की 2-0 की उम्मीदें तोड़ीं; रच दिया इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
कोलंबो: भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के 25 वर्षीय बल्लेबाज सोनल दिनुशा भारतीय टीम के लिए ऐसी दीवार बन गए, जिसे आखिरी दिन भी गेंदबाज नहीं गिरा सके। फॉलोऑन के बाद दूसरी पारी में नाबाद शतक जड़कर दिनुशा ने श्रीलंका को हार से बचा लिया और भारत की 2-0 से सीरीज जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनकी जुझारू बल्लेबाजी के दम पर दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा और भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की।
दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दिनुशा ने 722 गेंदों का सामना किया और कुल 420 रन बनाए। इस दौरान वह 1139 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे और उनके बल्ले से तीन शतक निकले। कोलंबो के SSC स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट के आखिरी दिन उनकी पारी श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा सहारा बनी।
फॉलोऑन के बाद दोनों पारियों में शतक, बने दुनिया के तीसरे बल्लेबाज
सोनल दिनुशा ने कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में शतक लगाया। इसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन दिनुशा ने दूसरी पारी में भी अपना बल्ला थामे रखा और नाबाद शतक जड़ दिया।
इस प्रदर्शन के साथ वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में फॉलोऑन के बाद एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले भारत के विजय हजारे और जिम्बाब्वे के एंडी फ्लावर यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते हुए दिनुशा ने यह कारनामा किया। इस लिहाज से भी उनका प्रदर्शन बेहद खास रहा।
भारतीय गेंदबाजों के सामने नहीं मानी हार
मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने उतरे दिनुशा ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। उन्होंने टेलेंडर्स के साथ मिलकर लंबी साझेदारियां निभाईं और विकेट बचाने पर पूरा जोर दिया।
उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका मजबूत डिफेंस रहा। इसके साथ ही स्वीप और रिवर्स-स्वीप शॉट्स का उन्होंने शानदार इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय स्पिनरों के खिलाफ दबाव कम करने में उन्हें मदद मिली।
शुभमन गिल भी दिनुशा के हुए मुरीद
मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी सोनल दिनुशा की बल्लेबाजी की तारीफ की। गिल ने कहा कि उनका डिफेंस बेहद मजबूत था और उन्होंने शानदार स्वीप शॉट खेले। भारतीय कप्तान के मुताबिक, दिनुशा ने फील्डरों को कैच का लगभग कोई मौका नहीं दिया।
भारत ने प्रसिद्ध कृष्णा की बाउंसर के जरिए भी उन्हें परेशान करने की कोशिश की, लेकिन पिच में पर्याप्त तेजी नहीं होने के कारण दिनुशा आसानी से उसका सामना करते रहे।
गैरी कर्स्टन ने बताया शानदार बचाव
श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन भी दिनुशा की बल्लेबाजी से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि नंबर-6 पर बल्लेबाजी करना कभी आसान नहीं होता। कर्स्टन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दिनुशा को 110/5 के स्कोर पर बल्लेबाजी करते देखने का जिक्र करते हुए कहा कि उसी समय उन्हें अंदाजा हो गया था कि यह खिलाड़ी दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
कर्स्टन ने दिनुशा के प्रदर्शन को श्रीलंका के टेस्ट इतिहास के सबसे शानदार बचावों में से एक बताया।
लगातार चार पारियों में 80+ का अनोखा रिकॉर्ड
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दिनुशा की निरंतरता भी देखने लायक रही। उन्होंने लगातार चार पारियों में 80 या उससे ज्यादा रन बनाए। ऐसा करने वाले वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के साइमन कैटिच यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
दो टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाने वाले दिनुशा ने अपनी बल्लेबाजी से भारतीय टीम को लगातार परेशान किया और कोलंबो टेस्ट को आखिरी समय तक रोमांचक बनाए रखा।
2-0 की जगह 1-0 पर खत्म हुई सीरीज
कोलंबो टेस्ट के आखिरी दिन भारत को जीत के लिए श्रीलंका के बाकी विकेट निकालने थे, लेकिन सोनल दिनुशा ने अपनी नाबाद पारी से भारतीय टीम की उम्मीदों को झटका दे दिया। उनकी जुझारू बल्लेबाजी के कारण श्रीलंका मैच बचाने में सफल रहा और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
हालांकि, भारत ने पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। लेकिन 2-0 की क्लीन स्वीप से भारत को रोकने में सोनल दिनुशा की 1139 मिनट लंबी जुझारू बल्लेबाजी सबसे बड़ी कहानी बनकर सामने आई।







