स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने काउंटी चैंपियनशिप में ऐसा कारनामा किया है, जो फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 131 साल बाद देखने को मिला। वार्विकशायर के लिए खेल रहे सुथार ने ग्लेमॉर्गन के खिलाफ मैच की दोनों पारियों में विकेट लिए और अपने खिलाफ एक भी रन नहीं बनने दिया। वह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाले सिर्फ दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। इससे पहले इंग्लैंड के टॉम हेवर्ड ने 1895 में ऐसा किया था।
वार्विकशायर ने पारी और 257 रन से जीता मैच
कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए काउंटी चैंपियनशिप डिविजन-1 के मुकाबले में वार्विकशायर ने ग्लेमॉर्गन को एकतरफा अंदाज में हराया। वार्विकशायर ने अपनी पहली पारी में 391 रन बनाए। इसके जवाब में ग्लेमॉर्गन की टीम पहली पारी में सिर्फ 69 रन पर ऑल आउट हो गई। फॉलोऑन के बाद ग्लेमॉर्गन की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं चली और पूरी टीम 65 रन पर सिमट गई। इस तरह वार्विकशायर ने मुकाबला पारी और 257 रन से अपने नाम किया।
पहली पारी में सिर्फ 3 गेंद, मिला 1 विकेट
ग्लेमॉर्गन की पहली पारी में वार्विकशायर के गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया। मानव सुथार को पारी के अंतिम चरण में गेंदबाजी के लिए लाया गया। सुथार ने सिर्फ तीन गेंदें फेंकी और एक विकेट हासिल कर लिया। उन्होंने मीर हमजा को बोल्ड किया। इस दौरान उनके खिलाफ एक भी रन नहीं बना। पहली पारी में उनका गेंदबाजी आंकड़ा 0.3 ओवर, 0 रन और 1 विकेट रहा।
दूसरी पारी में भी नहीं दिया एक भी रन
ग्लेमॉर्गन की दूसरी पारी में सुथार को 24वें ओवर में गेंद सौंपी गई। उन्होंने अपने पहले ओवर की सभी छह गेंदें मेडन डालीं। इसके बाद अगले ओवर में सुथार ने लगातार दो विकेट हासिल किए। उन्होंने पहले क्रिस कुक को बोल्ड किया और फिर जेमी मैकइलरॉय को भी बोल्ड कर दिया। उनके दोनों विकेट इसी ओवर में आए।
इस तरह दूसरी पारी में सुथार ने 2 ओवर, 0 रन और 2 विकेट लिए। मैच में उनका कुल गेंदबाजी आंकड़ा 2.3 ओवर यानी 15 गेंद, 0 रन और 3 विकेट रहा। उनके तीनों विकेट बोल्ड के रूप में आए।
131 साल बाद दोहराया गया दुर्लभ रिकॉर्ड
सुथार का यह प्रदर्शन इसलिए खास है क्योंकि फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले सिर्फ एक गेंदबाज ऐसा कर सका था। 1895 में इंग्लैंड के टॉम हेवर्ड ने लीसेस्टरशायर के लिए सरे के खिलाफ खेलते हुए मैच की दोनों पारियों में विकेट लिए थे और अपने खिलाफ एक भी रन नहीं दिया था। हेवर्ड ने उस मैच में छह गेंदों में तीन विकेट हासिल किए थे।
अब 131 साल बाद मानव सुथार ने मैच की दोनों पारियों में विकेट लेते हुए एक भी रन नहीं दिया। इस तरह वह टॉम हेवर्ड के साथ इस बेहद दुर्लभ उपलब्धि वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में शानदार डेब्यू के बाद काउंटी में भी कमाल
मानव सुथार के लिए 2026 का साल अब तक शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में कुल 10 विकेट लेकर भारत की 165 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
श्रीलंका दौरे के बाद सुथार इंग्लैंड लौटे और वार्विकशायर के लिए काउंटी चैंपियनशिप में फिर से मैदान पर उतरे। ग्लेमॉर्गन के खिलाफ उनका यह प्रदर्शन उनके रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार प्रभाव का एक और उदाहरण है। वार्विकशायर की इस बड़ी जीत में भले ही तेज गेंदबाजों और अन्य गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा, लेकिन सुथार के 15 गेंदों में 3 विकेट और 0 रन के आंकड़े ने मुकाबले को उनके लिए यादगार बना दिया।







