स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
डिफेंडिंग चैंपियन लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है। 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया। एक समय इंग्लैंड जीत की दहलीज पर खड़ा नजर आ रहा था, लेकिन मैच के अंतिम सात मिनट में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए पहले बराबरी की और फिर इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में विजयी गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब खिताब के लिए अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा।
इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप के इतिहास में सातवीं बार फाइनल में जगह बनाई। वहीं, इंग्लैंड का अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। अब तीसरे स्थान के लिए इंग्लैंड और फ्रांस की टीमें आमने-सामने होंगी।
आखिरी सात मिनट में बदली मैच की तस्वीर
दूसरे हाफ में एंथोनी गॉर्डन के गोल की मदद से इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, अंतिम सात मिनट में अर्जेंटीना ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। सबसे पहले इंजो फर्नांडेज ने बराबरी का गोल दागा और इसके बाद इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में लाउतारो मार्टिनेज ने गोल कर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना ने आखिर तक इस बढ़त को बरकरार रखा। लियोनेल मेसी भले ही गोल नहीं कर सके, लेकिन दोनों गोल की नींव रखने में उनकी अहम भूमिका रही।
सेमीफाइनल की पूरी कहानी
इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस ट्यूशेल ने सेमीफाइनल मुकाबले के लिए अपनी शुरुआती एकादश में तीन बदलाव किए। रक्षापंक्ति में रीस जेम्स और जेड स्पेंस को शामिल किया गया, जबकि विंगर के रूप में नोनी माडुके की जगह मोर्गन रोजर्स को मौका मिला। दूसरी ओर, अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने एक बदलाव करते हुए रोड्रिगो डि पॉल के स्थान पर जूलियानो सिमियोन को शुरुआती टीम में उतारा।
मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज में की, लेकिन साथ ही सतर्क रणनीति भी अपनाई। शुरुआती 12 मिनट में कुल आठ फाउल हुए, हालांकि इस दौरान किसी भी टीम की ओर से गोल पर एक भी शॉट नहीं लगाया गया। इनमें अर्जेंटीना ने पांच और इंग्लैंड ने तीन फाउल किए। शुरुआती 20 मिनट तक अर्जेंटीना ने गेंद पर अधिक कब्जा बनाए रखा, लेकिन वह कोई प्रभावी आक्रमण तैयार नहीं कर सकी।
पहले हाफ के शुरुआती 30 मिनट में अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने कई कड़े टैकल किए, लेकिन किसी को भी येलो कार्ड नहीं मिला। इंजो फर्नांडेज ने चौथे मिनट में इलियट एंडरसन और फिर 32वें मिनट में पेनल्टी एरिया के भीतर ज्यूड बेलिंघम के खिलाफ फाउल किया, हालांकि अमेरिकी रेफरी इस्माइल एलफेथ ने उन्हें चेतावनी तक सीमित रखा।
37वें मिनट में अर्जेंटीना के फाउल के बाद इंग्लैंड को फ्री-किक मिली। रीस जेम्स ने बाईं ओर से गेंद को गोल की दिशा में भेजने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने आसानी से खतरा टाल दिया।
मुकाबले के दौरान कप्तान हैरी केन और एंथोनी गॉर्डन ने लियोनेल मेसी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उनके खिलाफ फाउल इलियट एंडरसन ने किया, जिसके चलते उन्हें मैच का पहला येलो कार्ड दिखाया गया। इसके बाद 42वें मिनट में मोर्गन रोजर्स को खींचने पर अर्जेंटीना के लिसांड्रो मार्टिनेज को भी पीला कार्ड मिला। इसी बीच ज्यूड बेलिंघम ने जेड स्पेंस के पास पर आक्रमण बनाने की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति ने उनके प्रयास को नाकाम कर दिया।







