नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार उन घरों की पहचान कर रही है जिनके पास एक साथ LPG और PNG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। सरकार ने ऐसे दोहरे कनेक्शन पर रोक लगाने का आदेश लागू किया है, ताकि दुरुपयोग को रोका जा सके और सब्सिडी का सही लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
पिछले महीने सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जिन घरों में PNG की सुविधा है, वे सब्सिडी वाले घरेलू LPG कनेक्शन को न तो रख सकते हैं और न ही नया प्राप्त कर सकते हैं। 14 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में “Liquefied Petroleum Gas (Regulation of Supply and Distribution) Order, 2000” में संशोधन किया गया। यह संशोधन आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत किया गया, जिसके अनुसार PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए LPG कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं के बीच PNG के विस्तार को तेज करना और कुकिंग गैस पर दबाव कम करना है।
संशोधित आदेश के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियां और उनके वितरक उन उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन या सिलेंडर रिफिल नहीं दे सकते, जिनके पास पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया से जुड़े हालात पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह आकलन किया जा रहा है कि कितने उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक 43,000 से अधिक ऐसे LPG उपभोक्ताओं ने, जिनके पास PNG कनेक्शन भी है, अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, लेकिन यह संख्या अभी कम है और इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद है।
सरकार के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि “कोई भी व्यक्ति जिसके पास PNG कनेक्शन है और साथ ही घरेलू LPG कनेक्शन भी है, वह LPG कनेक्शन को न रख सकता है और न ही सिलेंडर रिफिल ले सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं को तुरंत अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।”
इसके साथ ही PNG कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को नया LPG कनेक्शन लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं, सरकारी तेल कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन या रिफिल उपलब्ध न कराएं।
इस कदम का उद्देश्य उन घरों को प्राथमिकता देना है, जिनके पास पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत LPG आयात करता है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पहले, भारत के कच्चे तेल का आधे से अधिक, गैस का करीब 30 प्रतिशत और LPG का 85-90 प्रतिशत आयात पश्चिम एशियाई देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई से होता था।
इस संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा उत्पन्न हुई है। हालांकि भारत ने रूस सहित अन्य देशों से तेल आयात कर आंशिक रूप से स्थिति संभाली है, लेकिन गैस की आपूर्ति औद्योगिक उपयोगकर्ताओं तक सीमित कर दी गई है और होटल-रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए LPG की उपलब्धता भी घटा दी गई है।
स्थिति को देखते हुए सरकार ने नए LPG कनेक्शन जारी करना भी फिलहाल रोक दिया है।







