Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

अमेरिका ने ईरान से जुड़े बैंक पर कड़े प्रतिबंध लगाए

विदेश डेस्क, ऋषि राज

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान से जुड़े तेल-व्यापार के मामले में एक बैंक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर आर्थिक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। यह कदम ईरान से जुड़े लेन-देन और तेल व्यापार पर बढ़ते अमेरिकी दबाव के बीच उठाया गया है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान से जुड़े तेल-व्यापार के लिए एक बैंक पर प्रतिबंध लगाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका आर्थिक कार्रवाई करेगा। बेसेंट के बयान में यह भी कहा गया कि संबंधित पक्षों को पता है कि अमेरिका कौन है और उसके पास किस प्रकार के आर्थिक कदम उठाने की क्षमता है।

उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम आर्थिक कार्रवाई करेंगे।” बेसेंट के अनुसार, अमेरिका अपनी आर्थिक शक्ति का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिन गतिविधियों को अमेरिका अपनी नीतियों के विरुद्ध मानता है, उनके खिलाफ प्रतिबंधों सहित अन्य आर्थिक कदम उठाए जा सकते हैं।

ईरान से जुड़े तेल व्यापार को लेकर अमेरिका पहले भी कड़ा रुख अपनाता रहा है। ताजा घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वॉशिंगटन आर्थिक प्रतिबंधों को अपनी विदेश नीति के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना जारी रखेगा। बैंक पर प्रतिबंध की घोषणा इसी नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

अमेरिकी वित्त मंत्री के बयान में संबंधित बैंक का उल्लेख ईरान से जुड़े तेल-व्यापार के संदर्भ में किया गया है। अमेरिका का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह आर्थिक कार्रवाई करने के अपने विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। इससे आने वाले समय में ईरान से जुड़े वित्तीय और व्यापारिक लेन-देन पर और दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। आर्थिक प्रतिबंध लंबे समय से दोनों देशों के संबंधों में एक प्रमुख विषय रहे हैं। अमेरिका की नई कार्रवाई से ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन पर भी असर पड़ सकता है।

स्कॉट बेसेंट के ताजा बयान के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस अमेरिकी फैसले की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। प्रतिबंधों के प्रभाव और आगे की संभावित आर्थिक कार्रवाई को लेकर स्थिति आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान से जुड़े तेल व्यापार के मामले में वह आर्थिक दबाव बनाने की नीति जारी रखेगा।