विदेश डेस्क, ऋषि राज |
वॉशिंगटन, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ घंटों में ईरान के हवाई क्षेत्र पर उसकी वायु सेना का पूरा नियंत्रण हो सकता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य बल ईरान के एयरस्पेस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
व्हाइट हाउस में आयोजित दैनिक प्रेस वार्ता के दौरान लेविट ने कहा कि अमेरिकी सेना क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ घंटों में ईरानी एयरस्पेस पर हमारा पूरा दबदबा होगा।” इस बयान के बाद पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह बयान क्षेत्र में जारी संघर्ष के और अधिक गंभीर होने का संकेत देता है। पिछले कुछ दिनों से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कई स्थानों पर मिसाइल हमले, ड्रोन हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है। वहीं, ईरान की ओर से भी कड़े बयान सामने आए हैं और उसने किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक संगठनों ने भी क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर जोर दिया है।
विश्लेषकों के अनुसार यदि स्थिति इसी तरह तनावपूर्ण बनी रही तो इसका प्रभाव केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं और आने वाले घंटों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।







