विदेश डेस्क, ऋषि राज।
जकार्ता। इंडोनेशिया के तट के पास शनिवार को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा। भूकंप के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई। अधिकारियों के अनुसार, अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बचाव एवं राहत अभियान जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है।
भूकंप के झटके महसूस होते ही तटीय इलाकों में लोगों के बीच दहशत फैल गई। कई लोग अपने घरों और इमारतों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय कर दिया है। भूकंप से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई। शक्तिशाली झटकों के कारण कई इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में लोगों के फंसे होने की आशंका के मद्देनजर बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। राहतकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मलबे की जांच कर रहे हैं और जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी किए जाने से तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती गई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को समुद्र और तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
भूकंप के कारण जान-माल के नुकसान के बाद अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। बचाव अभियान के दौरान मलबे से लोगों को सुरक्षित निकालने पर प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि अभी नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो सका है। कई इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है, इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार और परिवहन व्यवस्था पर भी भूकंप का असर पड़ने की आशंका है।
इंडोनेशिया भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है और यहां समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते रहे हैं। शनिवार को आए इस शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर तटीय इलाकों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौती पैदा कर दी है।
फिलहाल प्रशासन का ध्यान प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने, घायलों का उपचार कराने और संभावित सुनामी के खतरे से लोगों को सुरक्षित रखने पर है। बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।







