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इस्तांबुल में पुलिस का जबरदस्त छापा: 1109 अपराधी सलाखों के पीछे

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी।

इस्तांबुल। तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में पुलिस का मेगा सुरक्षा अभियान रात भर चला, जिसमें 1,109 अपराधियों और वांछित संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। लगभग 2,500 पुलिसकर्मियों ने हेलीकॉप्टर और नौकाओं की मदद से शहर को घेर लिया, जो हाल के वर्षों का सबसे बड़ा ऑपरेशन साबित हुआ।

यह अभियान मंगलवार रात शुरू होकर बुधवार सुबह तक चला, जिसमें पुलिस ने सैकड़ों सार्वजनिक जगहों पर छापेमारी की। इस्तांबुल पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद शहर में फैले अपराध नेटवर्क को कुचलना था, जिसमें ड्रग तस्करी से लेकर अवैध हथियारों तक की गिरफ्त में कई बड़े नाम शामिल हैं। अभियान की तीव्रता ऐसी थी कि हवा से निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाए गए, जबकि बोस्फोरस जलडमरूमध्य पर मरीन यूनिट की पांच नौकाओं ने पानी के रास्तों को सील कर दिया।

 चौंकाने वाले आंकड़े: लाखों की जांच, सैकड़ों वांछित

ऑपरेशन के आंकड़े खुद में एक कहानी कहते हैं। पुलिस ने कुल 3,74,952 लोगों की पहचान जांच की, जिसमें से 595 वांछित अपराधी थे। इनमें ड्रग माफिया, हथियार तस्कर और अन्य संगीन मामलों के फरार शामिल थे। शहर के कैफे, बार, पार्क और सड़कों पर नाकेबंदी के दौरान ट्रैफिक चेक भी किए गए, जिससे कई वाहनों पर भारी जुर्माने लगे।

पुलिस ने हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है, और प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक कई बड़े खुलासे होने वाले हैं। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "यह सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों को काटने का प्रयास है।" अभियान के दौरान बरामद सामान में पिस्तौलें, राइफलें जैसी अवैध हथियारों की खेप और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल हैं। इसके अलावा, 26 विदेशी नागरिकों के खिलाफ बिना दस्तावेज के रहने के आरोप में कार्रवाई शुरू हो गई है।

जीरो टॉलरेंस की नीति: पर्यटन केंद्र पर नजर

इस्तांबुल, तुर्की का आर्थिक और पर्यटन हृदय, हाल के महीनों में अपराध की घटनाओं से चिंतित रहा है। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं, लेकिन इस बार का पैमाना अभूतपूर्व था। 'पीस इस्तांबुल' या 'हजूर' कोडनेम वाले इन ऑपरेशनों का उद्देश्य न सिर्फ अपराधियों को चेतावनी देना है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा जगाना भी।

शहर की सड़कों पर रात भर चली यह कार्रवाई पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों के लिए भी राहत की सांस लाई। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "अब रात में बाहर निकलने का डर कम हो गया है।" पुलिस का दावा है कि इससे ड्रग कारोबार पर गंभीर असर पड़ेगा, जो युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा था। अभियान में शामिल अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में इन हिरासतों से मिली जानकारी के आधार पर और बड़े नेटवर्क को निशाना बनाया जाएगा।

तुर्की सरकार ने इस ऑपरेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक संदेश जाएगा। इस्तांबुल की सघन आबादी और रणनीतिक महत्व को देखते हुए, ऐसे कदम अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी हैं। पुलिस विभाग ने आगे भी इसी तरह के अभियानों की घोषणा की है, ताकि शहर अपराध मुक्त बने।