एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उन्होंने मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से हिंदी फिल्म जगत में शोक की लहर है। फिल्म निर्माता और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, संजय गुप्ता की मौत घर पर गिरने से सिर में लगी चोट के कारण हुई।
संजय गुप्ता को ‘कांटे’, ‘जिंदा’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता था। उनकी फिल्मों में अपराध, एक्शन और रोमांच की कहानियां देखने को मिलती थीं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग फिल्म निर्माण शैली के जरिए पहचान बनाई।
संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2002 में आई फिल्म ‘कांटे’ ने उन्हें खास पहचान दिलाई। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और अन्य कलाकार नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’ और ‘दस कहानियां’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
उन्होंने ऋतिक रोशन और यामी गौतम अभिनीत फिल्म ‘काबिल’ का भी निर्देशन किया था। इसके अलावा, उनकी निर्देशित फिल्मों में ‘जज्बा’ और ‘मुंबई सागा’ भी शामिल हैं। संजय गुप्ता ने व्हाइट फेदर फिल्म्स नाम से अपना प्रोडक्शन हाउस भी स्थापित किया था। इसके बैनर तले उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण किया। ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ में भी वह निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में जुड़े थे।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत की कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। अभिनेता संजय दत्त ने उन्हें अपना भाई और करीबी दोस्त बताते हुए भावुक संदेश साझा किया। वहीं, फिल्म निर्माता तरुण आदर्श और अन्य कलाकारों ने भी उनके निधन पर दुख जताया।
संजय गुप्ता के निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया है, जिन्होंने एक्शन और क्राइम फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्में और उनसे जुड़ी यादें लंबे समय तक दर्शकों और फिल्म जगत के लोगों के बीच बनी रहेंगी।







