विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
अदन। यमन में जारी संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब समर्थित सरकार के ठिकानों को निशाना बनाया है। शुक्रवार को विद्रोहियों ने यमन की राजधानी अदन स्थित राष्ट्रपति के महल और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। सऊदी अरब समर्थित सरकार ने हमलों की पुष्टि की है, हालांकि उसने इस दौरान हुए जान-माल के नुकसान का कोई विवरण साझा नहीं किया है। इन हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ान सेवाएं 14 नवंबर तक स्थगित रखने का फैसला किया है।
यमन सरकार के अनुसार, हूती लड़ाकों ने शुक्रवार को अदन में स्थित महत्वपूर्ण सरकारी और हवाई ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। राष्ट्रपति का महल और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इन हमलों का निशाना बने। हालांकि, सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हमलों में किसी व्यक्ति की मौत हुई है या कोई घायल हुआ है। न ही सरकारी इमारतों और हवाई अड्डे को हुए संभावित नुकसान की जानकारी दी गई है। इन घटनाओं के बाद अदन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
इसी बीच सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने शुक्रवार को मक्का क्षेत्र की ओर भेजे गए हूती विद्रोहियों के एक हमलावर ड्रोन को मार गिराया। हालांकि, हूती संगठन ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे झूठा बताया है। संगठन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि उसने मक्का की दिशा में कोई ड्रोन नहीं भेजा था। हूती विद्रोहियों का कहना है कि शुक्रवार को उन्होंने सऊदी अरब के क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं की। इस तरह मक्का क्षेत्र में ड्रोन हमले को लेकर सऊदी अरब और हूती संगठन के दावों में विरोधाभास सामने आया है।
मक्का इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए दुनिया का सबसे पवित्र शहर माना जाता है। यहां हर साल लाखों मुस्लिम श्रद्धालु हज और उमरा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा का मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जाता है। सऊदी अरब इससे पहले भी कई बार दावा कर चुका है कि उसने मक्का और मदीना की ओर किए गए हूती विद्रोहियों के हवाई हमलों को अपने वायु रक्षा तंत्र की मदद से नाकाम किया है। हालांकि, हूती संगठन ने पहले भी ऐसे हमलों की कोशिश करने से इनकार किया है। इस बार भी संगठन ने मक्का की ओर ड्रोन भेजने के सऊदी अरब के दावे को गलत बताया है।
यमन में बढ़ते सैन्य तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए भारतीय विमानन कंपनियों ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए अपनी नियमित उड़ान सेवाओं को 14 नवंबर तक स्थगित रखने का निर्णय लिया है। इससे पहले दोनों कंपनियां सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों रियाद, जेद्दा और दम्मम के लिए नियमित यात्री विमान सेवाएं संचालित कर रही थीं। नई व्यवस्था के तहत इन शहरों के लिए उड़ानों का संचालन निर्धारित अवधि तक रोक दिया गया है।
इन उड़ानों के स्थगित होने से सऊदी अरब आने-जाने वाले भारतीय यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। दोनों विमान कंपनियों का यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। एक ओर अदन में राष्ट्रपति के महल और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमलों की खबर सामने आई है, वहीं दूसरी ओर मक्का क्षेत्र में ड्रोन गिराने के सऊदी अरब के दावे को हूती विद्रोहियों ने नकार दिया है। इन घटनाओं के बीच यमन और सऊदी अरब के आसपास सुरक्षा स्थिति पर क्षेत्रीय देशों की नजर बनी हुई है।






