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काठमांडू में फंसे 102 तीर्थयात्रियों की सुरक्षित नागपुर वापसी

स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह 

नागपुर: नेपाल में आई अचानक बाढ़ के चलते काठमांडू में फंसे नागपुर और विदर्भ क्षेत्र के 102 तीर्थयात्री रविवार सुबह सुरक्षित अपने घर लौट आए। यात्रियों का यह समूह नेपाल में धार्मिक यात्रा के लिए गया था और बाढ़ के कारण कई दिनों तक काठमांडू में रुकना पड़ा।

अधिकारियों के अनुसार, विदर्भ क्षेत्र से कुल 106 तीर्थयात्री नेपाल की यात्रा पर गए थे। इनमें से चार यात्री शनिवार को ही सुरक्षित नागपुर पहुंच गए थे, जबकि बाकी 102 यात्रियों ने रविवार सुबह नागपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक, तीर्थयात्रियों का यह दल 19 अगस्त को नेपाल के धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान उन्हें काठमांडू के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण करना था। हालांकि, नेपाल के कुछ इलाकों में अचानक आई बाढ़ के कारण उनकी यात्रा प्रभावित हो गई।

नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के बाद कई जगहों पर आवागमन और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके चलते तीर्थयात्रियों को अपनी यात्रा रोककर काठमांडू में ही ठहरना पड़ा। बताया गया कि वे करीब 27 अगस्त तक काठमांडू में रुके रहे, जिसके बाद उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की गई। चार तीर्थयात्रियों को शनिवार को हवाई मार्ग से नागपुर वापस लाया गया था। इसके बाद शेष 102 यात्री रविवार सुबह करीब 4:30 बजे ट्रेन से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।

लंबे इंतजार और प्राकृतिक आपदा के बीच सुरक्षित घर लौटने के बाद यात्रियों ने राहत जताई। परिजनों ने भी अपने लोगों की सकुशल वापसी पर राहत की सांस ली। वापस लौटे तीर्थयात्रियों ने सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए किए गए प्रयासों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया। यात्रियों ने कहा कि बाढ़ के कारण नेपाल में स्थिति कठिन हो गई थी, ऐसे में सुरक्षित वापसी उनके लिए सबसे बड़ी चिंता थी।

अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा का व्यापक असर पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में कम से कम 675 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 2,400 लोग लापता बताए गए हैं।
नागपुर के तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के साथ उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। प्राकृतिक आपदा के कारण बाधित हुई धार्मिक यात्रा अब सभी यात्रियों के सुरक्षित लौटने के साथ समाप्त हो गई है।