कानून हाथ में लेना गंभीर अपराध: मोतिहारी पुलिस ने 'मोरल पुलिसिंग' के खिलाफ जारी की चेतावनी
लोकल डेस्क, आकाश अस्थाना |
मोतिहारी | वयस्कों की मित्रता, निजी संबंधों या आपसी मामलों में हस्तक्षेप करने और कानून अपने हाथ में लेने वालों पर पुलिस की पैनी नजरमारपीट, धमकी, पीछा करना और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने पर होती है कड़ी सजा; आपात स्थिति में तुरंत डायल 112 पर संपर्क करने की अपील ।
पूर्वी चम्पारण जिला पुलिस द्वारा समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने और 'मोरल पुलिसिंग' (नैतिक पुलिसिंग के नाम पर कानून हाथ में लेने) जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एक जनहित संदेश व चेतावनी जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं है।
किन हरकतों को माना गया है 'मोरल पुलिसिंग' और अपराध?
पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक निम्नलिखित कृत्यों को कानूनन अपराध माना गया है और इनमें संलिप्त पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी:
- वयस्कों का आपस में मित्र होना या साथ में घूमना।
- वयस्कों के निजी संबंधों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप करना।
- कपड़ों, मित्रों या जीवनशैली को लेकर किसी पर फब्तियां कसना या परेशान करना।
- किसी को जबरदस्ती रोकना, रास्ते में घेरना, गाली देना या सार्वजनिक रूप से अपमानित करना।
कानून हाथ में लेने पर हो सकती है इन धाराओं में कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति या भीड़ कानून को अपने हाथ में लेती है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है, जैसे:
- गलत तरीके से रोकना / बंधक बनाना (धारा 126, 140)
- धमकी देना (धारा 351, 352)
- मारपीट या हमला (धारा 115, 117, 118)
- महिला से छेड़छाड़ / उत्पीड़न (धारा 74, 75, 78)
- पीछा करना / स्टॉकिंग (धारा 78)
- सार्वजनिक रूप से अपमानित करना (धारा 256)
- आपत्तिजनक वीडियो/तस्वीर बनाना या वायरल करना (धारा 77, 79)
प्रशासन की आम जनता से अपील
मोतिहारी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है। यदि कहीं भी किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या विवाद नजर आए, तो कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत डायल 112 पर कॉल करें या अपने नजदीकी थाने से संपर्क करें।
कानून का सम्मान करें, कानून अपने हाथ में न लें। (जनहित में जारी - मोतिहारी पुलिस)






