स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला रविवार, 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड पर खेला जाएगा। टीम इंडिया की नजर जहां 2-0 से सीरीज अपने नाम करने पर होगी, वहीं रवींद्र जडेजा के लिए यह टेस्ट बेहद खास होने वाला है। मैदान पर उतरते ही भारतीय ऑलराउंडर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लेंगे, जो अब तक किसी एशियाई खिलाड़ी ने नहीं छुआ है।
50वें WTC मैच के साथ बनेगा ऐतिहासिक रिकॉर्ड
रवींद्र जडेजा अब तक विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 49 मुकाबले खेल चुके हैं। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते ही उनके WTC मैचों की संख्या 50 हो जाएगी। वह WTC इतिहास में 50 टेस्ट खेलने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बनेंगे। भारतीय क्रिकेट के लिहाज से भी यह खास उपलब्धि होगी। मौजूदा आंकड़ों में जडेजा 49 मैचों के साथ इस मुकाम से एक कदम दूर हैं, जबकि WTC में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में इंग्लैंड के जो रूट 78 मुकाबलों के साथ शीर्ष पर हैं।
यानी कोलंबो में जडेजा के सामने सिर्फ श्रीलंका की चुनौती नहीं होगी, बल्कि उनके पास विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का मौका भी होगा।
एक टेस्ट, कई बड़े माइलस्टोन
जडेजा की कहानी सिर्फ 50वें WTC मैच तक सीमित नहीं है। कोलंबो टेस्ट में उनके पास एक और बड़ा मुकाम हासिल करने का मौका है। वह विदेशी जमीन पर टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करने से सिर्फ चार विकेट दूर हैं। जडेजा ने विदेशों में अब तक 37 टेस्ट मैचों में 96 विकेट लिए हैं। ऐसे में अगर वह कोलंबो में चार विकेट हासिल कर लेते हैं तो विदेशी धरती पर 100 टेस्ट विकेट पूरे करने वाले भारतीय गेंदबाजों की खास सूची में शामिल हो जाएंगे।
इतना ही नहीं, जडेजा हाल ही में टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के तीसरे दिन उन्होंने केशारा नुवान्था को आउट करके यह उपलब्धि हासिल की थी। वह 350 टेस्ट विकेट लेने वाले पांचवें भारतीय गेंदबाज बने। खास बात यह है कि जडेजा 4,000 से ज्यादा टेस्ट रन भी बना चुके हैं और 350 विकेट तथा 4,000 रन का डबल हासिल करने वाले भारत के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा कपिल देव ने किया था।
गॉल में भारत ने बनाई 1-0 की बढ़त
दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर 1-0 की बढ़त बना ली है। गॉल टेस्ट में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 462 रन बनाए, जबकि श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर सिमट गई। भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाकर श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा, लेकिन मेजबान टीम 206 रन पर ऑलआउट हो गई। युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। जडेजा ने भी गेंद से चार विकेट लिए और 350 टेस्ट विकेट का माइलस्टोन हासिल किया।
अब कोलंबो में भारत के पास सीरीज 2-0 से जीतने का मौका है। दूसरी ओर श्रीलंका घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगा।
जिस मैदान से जुड़ी है जडेजा की यादगार कहानी
SSC ग्राउंड जडेजा के लिए कोई अनजान मैदान नहीं है। 2017 में इसी मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट में जडेजा ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था।
भारत ने उस मुकाबले में 622/9 पर पारी घोषित की थी। जडेजा ने सिर्फ 85 गेंदों पर नाबाद 70 रन बनाए थे। गेंदबाजी में उन्होंने मैच में कुल सात विकेट लिए, जिसमें दूसरी पारी में 5/152 का प्रदर्शन शामिल था। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था और भारत ने मुकाबला पारी और 53 रन से जीता था।
करीब नौ साल बाद जडेजा उसी मैदान पर लौट रहे हैं। ऐसे में पुराने प्रदर्शन की यादें भी इस मुकाबले को उनके लिए और खास बना रही हैं।
SSC में भारत का रिकॉर्ड भी दिलचस्प
कोलंबो के इस मैदान पर भारत ने अब तक नौ टेस्ट खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने तीन मैच जीते, दो गंवाए और चार मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यानी इस मैदान पर भारत का रिकॉर्ड पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा है, लेकिन जीत की संख्या हार से ज्यादा है।
2017 में इसी मैदान पर मिली पारी और 53 रन की जीत भारत के लिए सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल है। अब 2026 में टीम इंडिया एक बार फिर इसी मैदान पर सीरीज जीतने की कोशिश करेगी।
श्रीलंका के सामने मुश्किलें भी कम नहीं
पहला टेस्ट गंवाने के बाद श्रीलंका के सामने सीरीज बचाने की चुनौती है। उसकी मुश्किलें प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपलब्धता से और बढ़ गई हैं। कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग चोट के कारण दूसरे टेस्ट से बाहर हैं, जबकि दिनेश चांदीमल पहले टेस्ट में लगी चोट के बाद नहीं खेल पाएंगे। पथुम निसांका भी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं।
भारत इस स्थिति का फायदा उठाकर सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगा। वहीं श्रीलंका के लिए यह मुकाबला वापसी का आखिरी मौका होगा।
अब नजरें जडेजा पर
कोलंबो टेस्ट में जडेजा के पास एक साथ कई उपलब्धियां अपने नाम करने का मौका है—50वां WTC मैच, विदेशी जमीन पर 100 टेस्ट विकेट और 350 विकेट के बाद एक और बड़े माइलस्टोन की ओर कदम।
2017 में इसी मैदान पर बल्ले और गेंद से मैच जिताने वाले जडेजा अब 2026 में एक नए रिकॉर्ड के साथ SSC में उतरेंगे। भारत सीरीज जीतने के इरादे से मैदान में होगा और जडेजा की नजरें इतिहास के उस आंकड़े पर होंगी, जहां पहुंचने वाले वह पहले एशियाई खिलाड़ी बनने जा रहे हैं।







