लोकल डेस्क, संजय दास थारू।
पर्सा: पर्सा जिले के सखुवा प्रसौनी गाउँपालिका–2, औराहा पंचगावा (श्रीपुर) स्थित श्री दीप नारायण आदर्श नमूना माध्यमिक विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
विद्यालय में कक्षा 11-12 (+2), विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के साथ स्नातक स्तर के कार्यक्रम शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए गाँव छोड़कर दूर जाने की मजबूरी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। विद्यालय के अनुसार, इस शैक्षणिक विस्तार में प्रधानाध्यापक शिवनाथ प्रसाद थारू की निरंतर सक्रियता और नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वर्ष 2001 में अस्थायी शिक्षक के रूप में शिक्षण सेवा में प्रवेश करने वाले थारू को वर्ष 2006 में स्थायी शिक्षक की जिम्मेदारी मिली। इसके एक वर्ष बाद 2007 में उन्होंने सहायक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति में सुधार और विस्तार को प्राथमिकता देते हुए काम आगे बढ़ाया।
उस समय कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वीरगंज सहित अन्य बाजार और शहरों की ओर जाना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए बाहर रहकर पढ़ाई करना और भी चुनौतीपूर्ण था। इसी कारण गाँव में ही उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने की योजना आगे बढ़ाई गई।
थारू की पहल पर विद्यालय में कक्षा 11 और 12 यानी +2 की पढ़ाई शुरू हुई। शुरुआत में प्रबंधन और शिक्षा संकाय संचालित किए गए। इसके बाद बर्ष 2010 में विज्ञान संकाय भी जोड़ा गया। इससे सखुवा प्रसौनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी पढ़ाई के लिए विद्यालय आने लगे।
वर्ष 2013 में प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी मिलने के बाद थारू ने विद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों का और विस्तार किया। उसी वर्ष डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की गई। इसके साथ ही विद्यालय ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा देने वाले संस्थान के रूप में भी अपनी पहचान बनानी शुरू की।
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय वर्ष 2018 से Teach For Nepal के साथ भी सहयोग करता आ रहा है। इस सहयोग के तहत अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों के शिक्षकों ने विद्यालय में सेवाएं दीं। विद्यालय के अनुसार, इस सहयोग से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति सहित अन्य अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थापन के आधार पर वर्ष 2019 में इसे नमूना माध्यमिक विद्यालय के रूप में नई पहचान मिली। इसके बाद तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार करते हुए वर्ष 2020 में सीटीईवीटी के अंतर्गत डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी शुरू की गई।
इसी तरह वर्ष 2024 में मधेस प्रदेश के अंतर्गत तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से भवन निर्माण, ईसीडीएफ और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 30-30 लोगों के कोटे में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए। प्रधानाध्यापक थारू ने इसकी जानकारी दी।
विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से नेपाली सेना के सहयोग से कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए एनसीसी प्रशिक्षण भी शुरू किया गया। विद्यालय के अनुसार, 90 दिनों का यह प्रशिक्षण वर्ष 2026 में भी जारी है।
विद्यालय को तकनीक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण तथा EVENT संस्था के सहयोग और विद्यालय की पहल से कंप्यूटर लैब भी संचालित की गई है। भौतिक सुविधाओं के तहत विद्यालय में विभिन्न भवन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और छात्रावास भी बनाए गए हैं।
नमूना विद्यालय कार्यक्रम के तहत दो भवन, छात्रों के लिए छात्रावास तथा प्रयोगशाला और पुस्तकालय भवन का निर्माण किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से चार और भवन बनाए गए हैं। इनमें एक छह कमरों वाला और तीन चार-चार कमरों वाले भवन हैं। जिला विकास समिति, पर्सा के सहयोग से छात्राओं के लिए छात्रावास भवन भी बनाया गया है।
माध्यमिक, +2 और तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रहते हुए विद्यालय ने उच्च शिक्षा की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए गाँव छोड़ने की मजबूरी समाप्त करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में मधेस विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त कर दीपनारायण पंचगावा बहुमुखी कैंपस का संचालन शुरू किया गया।
कैंपस में बीपीएएम और बीईएम कार्यक्रम शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूर जाने की मजबूरी कुछ हद तक कम हुई है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग के अनुसार वर्ष 2026 में बीबीए कार्यक्रम भी जोड़ा गया है।
इसके साथ ही एक ही शैक्षणिक संस्थान में विद्यालय स्तर, +2, विज्ञान, तकनीकी शिक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक की पढ़ाई की व्यवस्था तैयार हो गई है।
ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के विद्यालय के प्रयास से विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए शैक्षणिक अवसर बढ़े हैं। बाहर जाकर पढ़ाई करने में होने वाले आवास, यातायात और अन्य खर्च कम होने के साथ विद्यार्थियों को अपने ही समुदाय में रहकर पढ़ाई करने का अवसर भी मिला है।
करीब दो दशक से अधिक समय से इसी विद्यालय के शैक्षणिक विकास में सक्रिय रहे प्रधानाध्यापक शिवनाथ प्रसाद थारू के नेतृत्व में दीप नारायण विद्यालय ने समय के साथ अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार किया है। माध्यमिक विद्यालय से +2, विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, नमूना विद्यालय, विभिन्न प्रशिक्षण, एनसीसी, छात्रावास, प्रयोगशाला और पुस्तकालय से होते हुए स्नातक स्तर तक पहुंचना विद्यालय की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
अब विद्यालय और कैंपस को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, व्यवस्थित और तकनीक-अनुकूल बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना इसकी अगली प्राथमिकता होगी।
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