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चरित्र उजला हो तो उंगलियाँ भी उठती हैं : बिमल सर्राफ |

लोकल डेस्क, अश्विनी कुमार।

रक्सौल: जीवन में सफलता केवल संघर्ष से नहीं, बल्कि सही सोच, सात्विक विचार और ईश्वर पर विश्वास के साथ आगे बढ़ने से मिलती है। परिस्थितियाँ हमेशा हमारे अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन जिन्हें बदलना संभव न हो, उनके प्रति अपनी मनःस्थिति बदलना समझदारी है।

लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322 ई, जोन 41 के जोन चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन एवं भारत विकास परिषद्, रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया कि जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी संघर्ष से गुजरता है। सत्य और धर्म के पक्ष में किया गया सात्विक प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। हमें अपने कर्म को ईश्वर को समर्पित कर पूरी निष्ठा से अपना दायित्व निभाते रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अच्छे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति में ही लोग अक्सर बुराइयाँ खोजते हैं। इसलिए आलोचनाओं से विचलित होने के बजाय अपने कर्म और चरित्र को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। समय और परिस्थिति को समझकर किया गया कार्य ही सफल होता है।

सर्राफ ने कहा कि जैसे शरीर के लिए सांस जरूरी है, वैसे ही रिश्तों के लिए विश्वास जरूरी है। किसी से असहमति होने पर भी सम्मान बनाए रखना परिपक्वता की पहचान है। जीवन सुख-दुःख के दो पहियों पर चलता है। सुख आनंद देता है, जबकि दुःख हमें अनुभव, धैर्य और आत्मविश्वास सिखाता है। इसलिए हर परिस्थिति को सीख और आत्मविकास का अवसर समझकर आगे बढ़ना चाहिए।