स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
- थोक बाजार में खाद्य पदार्थों के दाम चढ़े, दाल-चावल भी महंगे...
नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चीनी के औसत भाव में 294 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरसों तेल भी 162 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हो गया। चावल, ज्यादातर खाद्य तेल और कई दालों में तेजी रही।
मीठे के बाजार में गुड़ का औसत भाव 294 रुपये चढ़कर सप्ताहांत पर 5,911 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। पहले तीन दिन कीमतों में तेजी देखी गई, जबकि अंतिम तीन दिन उतार-चढ़ाव रहा। इससे पहले के सप्ताह में चीनी 777 रुपये महंगी हुई थी। गुड़ का भाव पिछले सप्ताह 310 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा था। एक सप्ताह पहले यह 323 रुपये महंगा हुआ था।
चावल की औसत कीमत सप्ताह के दौरान 31 रुपये बढ़कर 4,134 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। गेहूं 29 रुपये महंगा हुआ और 2,867 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया। आटे का भाव भी 15 रुपये चढ़कर 3,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। दालों में उड़द दाल की औसत कीमत 44 रुपये और तुअर दाल की 35 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी। मूंग दाल 19 रुपये तथा चना दाल 17 रुपये महंगी हुई। मसूर दाल में आठ रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। खाद्य तेलों में सरसों तेल का औसत भाव 162 रुपये और पाम ऑयल का 104 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया। सूरजमुखी तेल 78 रुपये तथा सोया तेल 66 रुपये महंगा हुआ। वनस्पति की कीमत 24 रुपये चढ़ गई। मूंगफली तेल में नौ रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट रही।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ने और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव के कारण ये बदलाव देखने को मिले। थोक बाजार के ये आंकड़े आम उपभोक्ताओं के किचन बजट पर असर डाल सकते हैं, क्योंकि खुदरा कीमतों में भी इनका प्रभाव जल्दी दिखता है। चीनी और गुड़ की कीमतों में हाल के सप्ताहों में उतार-चढ़ाव जारी रहा है। पिछले कुछ दिनों में कुछ जगहों पर चीनी के थोक भाव में नरमी के संकेत भी मिले थे, लेकिन साप्ताहिक औसत में बढ़ोतरी बनी रही। सरसों तेल समेत अन्य तेलों में अंतरराष्ट्रीय रुझान और घरेलू मांग दोनों का योगदान रहा।
गेहूं और आटे में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद बाजार स्थिर बना हुआ है। दालों में मसूर को छोड़कर ज्यादातर किस्मों में तेजी रही, जो घरेलू खपत और आयात-निर्यात की स्थिति से जुड़ी है। चावल की कीमतों में वृद्धि मुख्य रूप से औसत भाव के आधार पर दर्ज की गई।
कुल मिलाकर बीते सप्ताह थोक जिंस बाजार में चीनी, सरसों तेल और कई जरूरी खाद्य पदार्थों के दाम चढ़े। इन बदलावों से रसोई का खर्च प्रभावित होने की संभावना है।







