स्पोर्ट्स डेस्क, ऋषि राज
कोलकाता नाइट राइडर्स ने आखिरकार जीत का स्वाद चख लिया। लगातार छह हार के बाद दबाव, आलोचना और निराशा से जूझ रही टीम ने शानदार वापसी करते हुए राजस्थान रॉयल्स को 4 विकेट से हराकर आईपीएल 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज की। यह जीत सिर्फ दो अंकों की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, जज्बे और भरोसे की वापसी है।
सातवें मुकाबले में उतरी KKR के लिए यह मैच बेहद अहम था। लगातार हार के बाद टीम अंक तालिका में नीचे खिसक चुकी थी। ऐसे में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया था।
पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 155 रन बनाए। टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने 46 रन, यशस्वी जायसवाल ने 39 रन और शिमरन हेटमायर ने उपयोगी 15 रनों का योगदान दिया। KKR की गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती और कार्तिक त्यागी ने अहम विकेट हासिल कर राजस्थान को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया।
156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी KKR की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान अजिंक्य रहाणे और टिम सिफर्ट सस्ते में आउट होकर लौट गए। एक समय टीम दबाव में दिखाई दे रही थी और फैंस को फिर हार का डर सताने लगा था।
लेकिन इसके बाद युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने पारी संभाली। उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी की और टीम को मैच में बनाए रखा। फिर मैदान पर आए कैमरून ग्रीन, जिन्होंने सिर्फ 13 गेंदों में 27 रन बनाकर मुकाबले का रुख बदल दिया।
हालांकि असली कहानी फिर एक बार रिंकू सिंह ने लिखी। संकट की घड़ी में बल्लेबाजी करने उतरे रिंकू ने 34 गेंदों पर नाबाद 53 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी पारी में 5 चौके और 2 शानदार छक्के शामिल रहे। अंत तक डटे रहकर उन्होंने टीम को 19.4 ओवर में जीत दिला दी। साथ में अनुकूल रॉय ने 16 गेंदों में 29 रन बनाकर बेहतरीन साथ निभाया।
जैसे ही जीत का रन बना, KKR कैंप में खुशी की लहर दौड़ गई। छह हार के बाद मिली इस जीत ने टीम के ड्रेसिंग रूम में नई ऊर्जा भर दी है। सोशल मीडिया पर भी फैंस झूम उठे और एक ही आवाज गूंजने लगी —
“जब तक मुकाबला खत्म न हो जाए, KKR हारती कहाँ है!”
अब यह जीत सिर्फ शुरुआत है या बड़ा बदलाव, यह आने वाले मैच तय करेंगे। लेकिन इतना तय है कि कोलकाता ने संदेश दे दिया है —
"शेर देर से जागा है, पर अब दहाड़ जोरदार होगी"।






