स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
पटना: बिहार में नव वर्ष के जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी कड़ी में मंगलवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक का उद्देश्य 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को पूरे राज्य में शांति, सुरक्षा और सख्त कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नव वर्ष के दौरान किसी भी तरह के हुड़दंग, उपद्रव या कानून से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, प्रमुख चौराहों, पार्कों और पिकनिक स्पॉट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और पहले से लगे कैमरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। ठंड और शीतलहर को देखते हुए जरूरतमंदों के लिए अलाव की व्यवस्था करने तथा अस्पतालों में कंबल और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक ने शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने बताया कि नव वर्ष के दौरान शराब और ड्रग्स की मांग बढ़ जाती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में नियमित छापेमारी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बाइकर्स गैंग, सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर कड़ी नजर रखने को कहा गया। बैठक में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पंकज दराद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने भरोसा जताया कि समन्वित प्रयासों से बिहार में नव वर्ष शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा।







