लोकल डेस्क, एन के सिंह।
समर्थकों ने बताया 'बेटियों के न्याय' की विजय। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे कैंपस में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रखेंगे।
पूर्वी चंपारण: विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के घोषित परिणामों ने बिहार की छात्र राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। लगभग चार दशकों के लंबे इंतजार के बाद अध्यक्ष पद पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने अपना परचम लहराया है। इस प्रचंड जीत के बाद मोतिहारी सहित पूरे तिरहुत प्रमंडल में जश्न का माहौल है। छात्र नेता और जन अधिकार छात्र परिषद के पूर्व तिरहुत प्रमंडल अध्यक्ष आकाश सिंह राठौड़ ने इस विजय को महज एक चुनावी परिणाम न मानकर इसे संघर्ष, साहस और अटूट संकल्प की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि शांतनु शेखर की यह जीत उन हजारों युवाओं के भरोसे का प्रतीक है जो विश्वविद्यालय परिसर में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठे थे।
सांसद पप्पू यादव के संघर्षों और न्याय की जीत
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आकाश सिंह राठौड़ ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय सांसद पप्पू यादव द्वारा चलाए जा रहे न्याय और सुरक्षा के अभियान को दिया है। समर्थकों का मानना है कि यह जीत उस जिद और जज्बे का प्रतिफल है, जो NEET परीक्षार्थियों को न्याय दिलाने और बिहार की बेटियों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरी थी। जब सत्ता के गलियारे खामोश थे, तब सांसद पप्पू यादव ने युवाओं की आवाज बुलंद की थी। छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने वोट के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि वे उन ताकतों के साथ खड़े हैं जो उनके हक और इंसाफ के लिए अंतिम सांस तक लड़ने का हौसला रखते हैं।
युवाओं के भरोसे और बदलाव का नया अध्याय
इस चुनावी सफलता को भावुकता से जोड़ते हुए छात्र नेता सिंह ने कहा कि यह उन आंखों के आंसुओं की जीत है जो लंबे समय से इंसाफ की राह देख रही थीं। यह उन हाथों की जीत है जिन्होंने पोस्टर और तख्तियां लेकर संघर्ष की मशाल को जलाए रखा। 40 साल बाद मिली यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब युवा शक्ति एकजुट होकर बदलाव के लिए ठान लेती है, तो दशकों पुराना इतिहास भी बदल जाता है। यह जीत न केवल एक पद की प्राप्ति है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और वादा भी है कि परिसर में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाएगा।
कार्यकर्ताओं में उत्साह और भविष्य का संकल्प
NSUI और सांसद पप्पू यादव के समर्थकों ने इस जीत को बिहार की भावी राजनीति का संकेत बताया है। आकाश सिंह राठौड़ ने सभी विजयी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए संकल्प लिया कि छात्र हितों और सामाजिक न्याय की यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक विजय इस बात का प्रमाण है कि छात्र समुदाय अब केवल खोखले वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर किए गए संघर्षों पर भरोसा कर रहा है। मोतिहारी में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और खुशियां मनाकर इस बड़ी कामयाबी का स्वागत किया और विश्वविद्यालय में नए युग की शुरुआत का जयघोष किया।







