स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
– प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने किया
पटना, पटना उच्च न्यायालय परिसर किसी तरह के आतंकी हमले से भी पूरी तरह से सुरक्षित है। राज्य पुलिस महकमे की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) की तरफ से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन कर इसे लेकर अपनी काबिलियत दिखाई गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों एवं प्रतिक्रिया तंत्र का आकलन करना था।
इसका शुभारंभ माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री संगम कुमार साहू के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर देने के साथ हुआ। इस अवसर पर कई माननीय न्यायाधीश उपस्थित रहे। अपने समापन संबोधन में माननीय मुख्य न्यायाधीश ने पटना उच्च न्यायालय परिसर में सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के महत्व पर बल दिया। उन्होंने वर्तमान सुरक्षा ढांचे, विभिन्न प्रवेश द्वारों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती की समीक्षा की तथा न्यायालय परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रस्तावित उपायों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंतर्गत एक जीवंत प्रदर्शन एवं मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें एक काल्पनिक परिदृश्य प्रस्तुत किया गया। इस परिदृश्य में पन आतंकवादियों की तरफ से पटना के फतुहा के समीप भारतीय वैज्ञानिकों को ले जा रही एक बस के अपहरण की घटना का अभ्यास किया गया। इस दौरान एटीएस कर्मियों की तरफ से समन्वित कार्रवाई, रणनीतिक हस्तक्षेप एवं त्वरित निष्पादन का प्रदर्शन किया गया।
यह मॉक ड्रिल विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने तथा आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इस कार्यक्रम में महाधिवक्ता महोदय की भी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त एडीजी, एटीएस, रजिस्ट्रार जनरल, पटना उच्च न्यायालय, एसपी, एटीएस, एसएसपी, पटना सहित न्यायालय रजिस्ट्री के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।इस अवसर पर एडीजी, एटीएस श्री पंकज कुमार दराद ने एंटी-टेररिज्म स्क्वाड की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।







