Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पाक-तालिबान सीमा पर फिर झड़प, कई लड़ाके मारे गए

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।

पेशावर। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा में सीमा के पास गोलीबारी के बाद पाकिस्तानी बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अफगान तालिबान के कई लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। कार्रवाई के दौरान अफगान सीमा के नजदीक स्थित कुछ ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अफगान सीमा के पास टोपसर चौकी और शिपोला बेस कैंप को निशाना बनाया। अधिकारियों का दावा है कि कार्रवाई में शिपोला कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, तैदा सेक्टर, अपर कुर्रम और गूज गढ़ी के इलाकों में दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। इस दौरान सीमा क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।

पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगान तालिबान ने सीमा पार से उग्रवादियों की घुसपैठ में मदद करने के लिए गोलीबारी की थी। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने गूज गढ़ी सीमा क्षेत्र के आसपास जवाबी कार्रवाई की। एक अधिकारी ने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान तालिबान के कई लड़ाके अपनी सीमा चौकियों को छोड़कर वहां से चले गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले इसी महीने पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने उस कार्रवाई को सुनियोजित और सीमित अभियान बताया था। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े कई उग्रवादी मारे गए थे। पाकिस्तानी सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों के लिए ‘फितना अल-खवारिज’ शब्द का इस्तेमाल करती है।

अफगान तालिबान के वर्ष 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार होने वाले उग्रवादी हमलों को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान इस तनाव से विशेष रूप से प्रभावित रहे हैं। पाकिस्तान स्थित एक संघर्ष एवं सुरक्षा अध्ययन संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में पाकिस्तान में उग्रवादी हमलों की 225 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि अगस्त में ऐसी 199 घटनाएं हुई थीं। इस तरह एक महीने में हमलों की संख्या में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

संस्थान के मुताबिक, सितंबर में दर्ज 225 हमले पिछले 12 वर्षों में किसी एक महीने में सामने आए उग्रवादी हमलों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लगातार तीसरे महीने इन हमलों में वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती हिंसा ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से जारी तनाव को और गंभीर कर दिया है। सीमा पर लगातार होने वाली झड़पों और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।

दोनों देशों के बीच कई सीमा चौकियों पर हुई झड़पों के बाद अक्टूबर 2025 में युद्धविराम पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। फरवरी 2026 में पाकिस्तान ने ‘आपरेशन गजब लिल-हक’ शुरू किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत के कई दौर हुए, लेकिन सीमा सुरक्षा और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं। शनिवार की ताजा झड़प ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव को सामने ला दिया है।