नेपाल डेस्क, मुस्कान सिंह।
नेपाल: नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) डॉ. मनोज कुमार केसी ने प्रतिबद्धता जताई है कि ऐसा वातावरण बनाया जाएगा, जिसमें नागरिक पुलिस को देखकर डरने के बजाय उस पर भरोसा महसूस करें।गृह मंत्रालय में आयोजित दर्ज्यानी चिह्न अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उन्होंने क्या पद हासिल किया, इसके बजाय इस आधार पर हो कि वे नेपाली जनता को क्या दे सके।
केसी ने कहा कि कंधे पर लगाया गया दर्ज्यानी चिह्न केवल एक अलंकार नहीं, बल्कि राज्य, जनता और सात दशक लंबे इतिहास वाले पुलिस संगठन के प्रति विश्वास एवं जिम्मेदारी का प्रतीक है।
पुलिस संगठन के आंतरिक चुनौतियों और समस्याओं को करीब से समझने की बात कहते हुए आईजीपी केसी ने निचले स्तर के पुलिसकर्मियों (जवानों और हवलदारों) की शिकायतें सुनने के लिए तत्काल एक अलग व्यवस्था बनाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा, "बुनियादी स्तर सहित सभी पुलिस कर्मचारियों की शिकायतें सुनने के लिए सचिवालय में प्राथमिकता के आधार पर एक अलग शिकायत निवारण तंत्र संचालित किया जाएगा।"
उन्होंने पुलिसकर्मियों के लंबे कार्यघंटे, संसाधनों एवं भौतिक बुनियादी ढांचे की कमी, स्थानांतरण और पदोन्नति में निष्पक्षता तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर क्रमिक रूप से संस्थागत सुधार करने की प्रतिबद्धता जताई।
आईजीपी केसी ने कहा कि केवल पुलिस संगठन के प्रयासों से पूर्ण शांति और सुरक्षा कायम करना संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, राजनीतिक दलों, संचार माध्यमों और आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी जनता के साथ उसका संबंध है।
केसी ने कहा, "मैं नेपाल सरकार से आवश्यक संसाधन, कानूनी स्पष्टता और कार्यगत स्वायत्तता उपलब्ध कराने तथा राजनीतिक दलों से पुलिस को दलीय प्रभाव से मुक्त रखने में सहयोग करने का विनम्र आग्रह करता हूं।"
उन्होंने संचार जगत से भी पुलिस की कमियों के साथ-साथ उसके अच्छे कार्यों को भी समाचारों में उचित स्थान देने का आग्रह किया।







