नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया
संस्कृति संसद-2026 के युवा विमर्श में गुरु-शिष्य परंपरा, सांस्कृतिक पहचान और फैक्ट चेकिंग पर हुई चर्चा; हार्दिक पटेल ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील की
वाराणसी। रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में आयोजित संस्कृति संसद-2026 के अंतर्गत युवा विमर्श (Gen Z Conclave) में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और युवाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए वक्ताओं और युवाओं ने नई पीढ़ी की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक जिम्मेदारियों और समकालीन चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् से हुई। इसके बाद 'हम हैं शाश्वत, सनातन' गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन नवीन ने किया।
गुरु-शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर जोर
डॉ. दीपक प्रधान ने युवाओं के आंदोलनों और सामाजिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए NEET पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलन तथा झारखंड के युवाओं की सक्रियता का उदाहरण दिया।
वहीं, विषय विशेषज्ञ विशाल कृष्ण ने बनारस घराने की कथक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी कला का वास्तविक ज्ञान गुरु-शिष्य परंपरा से ही प्राप्त होता है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया के प्रभाव में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं भूलने की अपील की।
फैक्ट चेकिंग और युवाओं की अभिव्यक्ति पर चर्चा
कार्यक्रम के 'वॉइस ऑफ यूथ' सत्र में दिल्ली की सेंट्रल यूनिवर्सिटी से आए ईशु मौर्य सहित कई युवाओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान सोशल मीडिया पर मिलने वाली सूचनाओं की सत्यता जांचने और फैक्ट चेकिंग के महत्व पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी विषय पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है।
विरोध-प्रदर्शन में भाषा की मर्यादा जरूरी : कृष्ण तिवारी
झारखंड से पहुंचे वक्ता कृष्ण तिवारी ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, संस्कार और विचारों से होती है। युवाओं को अपनी बात रखने और विरोध-प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इस दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। विरोध के नाम पर अपशब्दों और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने जयप्रकाश नारायण के विचारों का उल्लेख करते हुए नारी शक्ति के महत्व पर जोर दिया। साथ ही युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को अपनाने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ने की अपील की।
युवाओं को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए : हार्दिक पटेल
गुजरात से आए भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने कहा कि युवाओं को जेन-जी कहने के बजाय युवा कहना चाहिए, क्योंकि नौजवानों को एकजुट होकर देश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकार के सामने अपनी बात रखने और विरोध-प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए लोकतांत्रिक और मर्यादित रास्ता अपनाना जरूरी है। युवाओं को अपनी आवाज उठानी चाहिए, लेकिन गलत रास्ता नहीं चुनना चाहिए।






