विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस लेबनान को इजरायल के साथ संभावित बातचीत की तैयारियों में हरसंभव मदद करेगा। उन्होंने यह बयान लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दिया।
मैक्रों ने कहा कि फ्रांस लेबनानी सरकार को वार्ता के लिए आवश्यक योजनाएं बनाने में सहयोग करेगा, ताकि देश की पूर्ण संप्रभुता बहाल की जा सके। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि फ्रांस की प्राथमिकता क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, फ्रांस आने वाले दिनों में लेबनान को लगभग 10 टन अतिरिक्त सहायता सामग्री भेजेगा। इस नई खेप के बाद फ्रांस द्वारा दी गई कुल मानवीय सहायता बढ़कर करीब 70 टन हो जाएगी।
राष्ट्रपति मैक्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस वर्ष 2026 के अंत तक लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखने के लिए तैयार है, खासकर संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल यानी यूएनआईएफआईएल मिशन के तहत। उन्होंने कहा कि यदि लेबनान चाहे, तो फ्रांस अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा, भले ही मिशन की निर्धारित वापसी हो जाए।
उन्होंने आगे बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसे सभी पक्षों की सहमति से लागू किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र मिशन में भागीदारी के अलावा, फ्रांस लेबनानी सेना को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ हथियार और आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध करा रहा है।
मैक्रों के इस बयान को मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लेबनान की स्थिरता और सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।







