स्टेट डेस्क, रानी कुमारी।
पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस की ओर से हर जिले में विशेष दंगा निरोधी इकाई तैयार करने की योजना बनाई गई है। इस विशेष टीम का मुख्य उद्देश्य दंगा, हिंसक भीड़, उपद्रव या अचानक बिगड़ने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति में तेजी से मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना होगा। इस टीम को इस तरह तैयार किया जाएगा कि सूचना मिलने के बाद करीब 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की जा सके।
इस विशेष दस्ता को सामान्य पुलिस बल से अलग तरह की विशेष ट्रेनिंग और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जवानों को भीड़ नियंत्रण, उपद्रव की स्थिति से निपटने और कम से कम नुकसान के साथ हालात को काबू करने की विशेष तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित पुलिसकर्मियों को करीब एक महीने की विशेष ट्रेनिंग देने की तैयारी है।
बिहार में आपात स्थितियों के लिए इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम पहले से काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी जिलों में तेज पुलिस प्रतिक्रिया उपलब्ध कराना है। नई दंगा निरोधी इकाइयों के गठन से किसी इलाके में अचानक भीड़ हिंसा या तनाव की स्थिति पैदा होने पर स्थानीय पुलिस को अतिरिक्त और प्रशिक्षित बल जल्दी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल दंगों पर नियंत्रण करना ही नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से पहले प्रभावी कार्रवाई और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। विशेष टीमों की जिलेवार मौजूदगी से दूसरे स्थान से अतिरिक्त बल बुलाने में लगने वाला समय कम होगा और लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा।







