लोकल डेस्क, ऋषि राज।
मेयर सिंह बोले—पहचान बचाने का अभियान।
रक्सौल / बीरगंज: बीरगंज महानगरपालिका द्वारा स्थापित भोजपुरी प्रतिष्ठान के तत्वावधान में भोजपुरी भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित सम्मान एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आज (शनिवार) भव्य रूप से संपन्न हुआ।
बीरगंज स्थित रॉयल पार्टी पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के साधकों को सम्मानित किया गया।प्रतिष्ठान के सलाहकार गोपाल अश्क के संयोजकत्व में गठित तीन सदस्यीय चयन समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद वर्ष 2025 के लिए विभिन्न विधाओं में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का चयन किया। इसी क्रम में पं. दीननारायण मिश्र अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भारत के झारखंड, रांची निवासी साहित्यकार कनक किशोर को प्रदान किया गया, जबकि उमाशंकर द्विवेदी राष्ट्रीय पुरस्कार बारा, कलैया उपमहानगरपालिका के साहित्यकार राम प्रसाद साह को दिया गया।इसी तरह भोजपुरी राष्ट्रीय प्रतिभा पुरस्कार के तहत डॉ. शशिभूषण बरनवाल, मोतीउर रहमान, विकम साह, प्रतिमा चौधरी, गणेश परियार और लालमुनी देवी को सम्मानित किया गया, जबकि रोशन कुमार कलवार को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठान की अध्यक्ष अनिता साह ने की, जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में बीरगंज महानगरपालिका के प्रमुख राजेशमान सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. दीपक शाक्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन चौमुखी कलश में दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख अतिथि सिंह ने भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण को आज की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समुदाय की पहचान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय सरकार भाषा, कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिभाओं को सम्मानित करने से नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलेगी।कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नृत्य ने विशेष आकर्षण जोड़ा। नृत्य में सामाजिक कार्यकर्ता पिया सिंह की सुपुत्री प्रसिद्धि आनंद सिंह ने अपने नृत्य से सबका मन मोह लिया एवं प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त किया।स्वागत भाषण संस्थान के सलाहकार प्रमोद पांडे ने दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन माधुरी महतो ने किया।







