नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: भारत की गहन-प्रौद्योगिकी (डीप-टेक) नवाचार क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 'ब्रिक्स भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी' का आयोजन 11 और 12 सितंबर को राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जा रहा है। यह आयोजन भारत की अध्यक्षता में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साथ जोड़कर रखा गया है, जिससे इसकी वैश्विक अहमियत और बढ़ गई है। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस प्रदर्शनी का आयोजन उसके और विदेश मंत्रालय के आपसी समन्वय से किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, इस प्रदर्शनी में भारत के कुल 37 डीप-टेक स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्यम हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी स्टार्टअप वर्ष 2026 में आयोजित हुए भारत इनोवेट्स कार्यक्रम के तहत चुने गए 120 स्टार्टअप और उद्यमों के बड़े समूह में से छांटे गए हैं। गौरतलब है कि भारत इनोवेट्स का पहला संस्करण इसी वर्ष 14 से 16 जून के बीच फ्रांस के नीस शहर में आयोजित हुआ था, जहां भारतीय स्टार्टअप्स ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी तकनीकी प्रतिभा का परिचय दिया था। अब उसी समूह में से चयनित 37 स्टार्टअप्स को ब्रिक्स भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी में मौका दिया गया है, जिसे इस वर्ष भारत की दूसरी बड़ी डीप-टेक प्रदर्शनी माना जा रहा है।
इस प्रदर्शनी की थीम भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के मूल विषय — "बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" (लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण) — के अनुरूप रखी गई है। इसका उद्देश्य न केवल भारत की तकनीकी क्षमताओं को उजागर करना है, बल्कि ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच नवाचार और सहयोग के नए रास्ते भी खोलना है। प्रदर्शनी में शामिल स्टार्टअप्स विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य तकनीक, अंतरिक्ष तकनीक और डिजिटल समाधान से जुड़े नवाचार प्रस्तुत कर रहे हैं, जो भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों से भी जुड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के इस प्रदर्शनी का दौरा करने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और कारोबारी नेता भी इस आयोजन में शिरकत करेंगे, जिससे भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
यह प्रदर्शनी 11 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ भी जुड़ी हुई है, जिससे व्यापारिक और तकनीकी क्षेत्र के बीच तालमेल बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन भारत को वैश्विक डीप-टेक नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, साथ ही देश के युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी सहायक सिद्ध होंगे। कुल मिलाकर, ब्रिक्स भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी भारत की तकनीकी प्रगति और वैश्विक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






