लोकल डेस्क, आकाश अस्थाना।
रक्सौल: मानवाधिकार रक्षकों की वर्तमान स्थिति, उनके सामने मौजूद चुनौतियों तथा सरोकारवालों की भूमिका पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण चर्चा कार्यक्रम वीरगंज में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम को कैप (CoCAP) के आयोजन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में “साथ–साथ सीखाई सञ्जाल” की संयोजक एवं दलित महिला संघ पर्सा की कार्यकारी निदेशक नीला राम ने प्रस्तुति देते हुए मानवाधिकार रक्षकों द्वारा झेली जा रही समस्याओं, विशेषकर महिलाओं और किशोरियों से जुड़ी हिंसा, भेदभाव और सुरक्षा के मुद्दों पर प्रकाश डाला। चर्चा में को कैप की अंजु कंडेल, संरक्षण अधिकृत पवित्रा कार्की, नारायणी अस्पताल वीरगंज की प्रसूति गृह प्रमुख हेमा थापा, वीरगंज कपड़ा बैंक के अध्यक्ष लालबाबू सिंह, पोखरिया नगरपालिका की पूर्व उपमेयर सलमा खातून, जिला प्रहरी कार्यालय पर्सा के महिला सेल के प्रतिनिधि, संचारकर्मी तथा विभिन्न सरोकारवाले निकायों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने पीड़ित महिला एवं किशोरियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित आवास (सेफ हाउस/सेफ होम) की कमी को प्रमुख चुनौती बताया। उन्होंने सबसे पहले सुरक्षित आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे हिंसा पीड़ित किशोरियों और बच्चों के संरक्षण तथा पुनर्वास में आसानी होगी।
इसके साथ ही सरोकारवालों के बीच समन्वय, जनचेतना वृद्धि तथा प्रभावी नीति कार्यान्वयन के माध्यम से मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। कार्यक्रम ने निष्कर्ष निकाला कि मानवाधिकार रक्षकों की सुरक्षा, सशक्तिकरण और संस्थागत सहयोग के लिए और अधिक पहल जरूरी है।







