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मुजफ्फरपुर में 'सिंघम' अवतार, SSP की दो टूक

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

'अफवाह फैलाई या कानून हाथ में लिया तो खैर नहीं', बच्चा चोर की खबरों पर पूर्ण विराम|

सड़क दुर्घटनाएं: SSP ने 'ब्लैक स्पॉट्स' का निरीक्षण किया और NH पर अवैध कट बंद करने व रंबल स्ट्रिप लगाने के कड़े निर्देश जारी किए।

मुजफ्फरपुर: जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहे वरीय पुलिस अधीक्षक  कांतेश मिश्रा ने अब समाज में अशांति फैलाने वाले 'अफवाहबाजों' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले कुछ दिनों से जिले की आबोहवा में 'बच्चा चोर' गिरोह की जो भ्रामक खबरें तैर रही थीं, एसएसपी ने उन पर न केवल कड़ा प्रहार किया है, बल्कि जिले के नागरिकों से एक बेहद मार्मिक और सख्त अपील कर यह साफ कर दिया हैंं, कि मुजफ्फरपुर में अब 'भीड़ तंत्र' की मनमानी नहीं चलेगी।

भ्रम का जाल तोड़ते एसएसपी, "बच्चा चोर" सिर्फ एक कपोल-कल्पित अफवाह

सोशल मीडिया के जरिए सीधे जनता से मुखातिब होते हुए एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी 'बच्चा चोर' गिरोह के सक्रिय होने की बात पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह कुछ शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया एक मानसिक जाल है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। एसएसपी ने चेतावनी दी कि अफवाह के आधार पर किसी भी अनजान या निर्दोष व्यक्ति के साथ मारपीट करना, उसे प्रताड़ित करना या भीड़ का हिस्सा बनकर हिंसा करना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है। कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस को बनाएं हमसफर, गोपनीयता की पूरी गारंटी

एसएसपी ने जनता के बीच विश्वास का सेतु बनाते हुए कहा कि "आपका सहयोग ही हमारी असली शक्ति है।" उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत 112 नंबर पर डायल करें या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। इसके साथ ही, जिले को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए उन्होंने एक विशेष आह्वान किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मादक पदार्थों, शराब माफियाओं या किसी भी अपराधी की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस सूचनादाता को अपना साथी मानकर काम करेगी।

ग्राउंड जीरो पर 'सुपर कॉप', सड़क सुरक्षा के लिए खुद संभाली कमान

एसएसपी का एक्शन सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे खुद धरातल पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए उन्होंने तुर्की थाना अंतर्गत सकरी सरैया और मधौल जैसे संवेदनशील 'ब्लैक स्पॉट्स' का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात के दबाव और सड़क की त्रुटिपूर्ण संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। मौके पर ही उन्होंने यातायात डीएसपी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तत्काल 'साइन बोर्ड' और 'सुरक्षा संकेतक' लगाए जाएं।

अवैध कट और रंबल स्ट्रिप पर प्रहार

राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहे अवैध कट को लेकर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि ऐसे सभी अवैध रास्तों को तत्काल बंद किया जाए और वहाँ रंबल स्ट्रिप (कंपन पट्टी) का निर्माण कराया जाए ताकि वाहनों की गति को नियंत्रित किया जा सके। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी ने यह संदेश दे दिया कि मुजफ्फरपुर पुलिस न केवल अपराधियों के लिए काल है, बल्कि आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे 'अलर्ट मोड' पर है। मुजफ्फरपुर पुलिस का यह मानवीय चेहरा और प्रशासनिक सख्ती यह साबित करती है कि जिला प्रशासन सामाजिक समरसता बिगाड़ने वालों को कुचलने और आम जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।