लोकल डेस्क, एन के सिंह।
होली पर घर लौटने वाले प्रवासियों की होगी विशेष जांच, 10 मार्च तक लगेंगे स्वास्थ्य शिविर। रक्सौल, सुगौली और चकिया से शुरू होकर यह अभियान जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे अरेराज, चिरैया और तुरकौलिया तक व्यापक रूप से चलाया जाएगा।
पूर्वी चंपारण: बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के निर्देश पर पूर्वी चंपारण जिले में एचआईवी/एड्स के विरुद्ध एक व्यापक जंग छेड़ी जा रही है। जिले में 28 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य होली के त्योहार पर दूसरे राज्यों से घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और हाई रिस्क ग्रुप (HRG) के लोगों के बीच संक्रमण की पहचान करना और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सिविल सर्जन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी, जिला आईसीटीसी पर्यवेक्षक और संबंधित प्रभागों के कर्मियों ने मिलकर एक ठोस माइक्रो प्लान तैयार किया है।
इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग का पूरा जोर जांच, परामर्श और उपचार सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने पर है। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी (सीडीओ) ने स्पष्ट किया कि होली के अवसर पर बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर जिले में वापस आते हैं, ऐसे में आम जनमानस के साथ-साथ इन प्रवासियों के बीच एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद अनिवार्य है। अभियान के दौरान न केवल स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा, बल्कि लोगों को सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाने, निरोध के उपयोग, यौन संचारित संक्रमणों (STI) की पहचान और उपचार के साथ-साथ 'एचआईवी एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम 2017' के कड़े प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
प्रभारी जिला पर्यवेक्षक संजय जायसवाल के अनुसार, 28 फरवरी से 10 मार्च के बीच जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 13 एकीकृत स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ केवल एचआईवी ही नहीं, बल्कि सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, टीबी, ब्लड शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इन शिविरों में मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं, प्रवासी मजदूरों और हाई रिस्क ग्रुप समूहों की सघन जांच की जाएगी ताकि संक्रमण की कड़ियों को समय रहते तोड़ा जा सके।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत 28 फरवरी को रक्सौल, सुगौली और चकिया से होगी। इसके बाद 2 मार्च को मोतिहारी के मंजूराहा में, 6 मार्च को मधुबन और मेहसी में, तथा 7 मार्च को घोड़ासहन, अरेराज और चिरैया में शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान के अंतिम चरणों में 9 मार्च को छतौनी और 10 मार्च को घोड़ासहन (छोड़ादानो) एवं तुरकौलिया (मोतिहारी) में व्यापक स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। प्रशासन ने जिले के सभी प्रवासियों और नागरिकों से अपील की है कि वे इन शिविरों में पहुंचकर अपनी जांच कराएं और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।







