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मोतिहारी में 'इंडिया' गठबंधन का चक्का जाम

लोकल डेस्क, एन.के. सिंह |

मोतिहारी में 'इंडिया' गठबंधन का चक्का जाम: वोटर लिस्ट पुनरीक्षण और ट्रेड यूनियन हड़ताल के समर्थन में बंद रहा शहर
पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी शहर पूरी तरह से थम गया। 'इंडिया' गठबंधन ने वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के विरोध और ट्रेड यूनियन की हड़ताल के समर्थन में संपूर्ण चक्का जाम का आह्वान किया, जिसे व्यापक समर्थन मिला। शहर के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे, और महागठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस दौरान शहर बंद और सड़कें जाम: छतौनी चौक पर ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। मीना बाजार, जानपुल चौक, स्टेशन रोड, हॉस्पिटल रोड, बलुआ चौक, और कचहरी चौक पर सभी दुकानें बंद रहीं।
 राजद उपाध्यक्ष विनोद कुमार श्रीवास्तव का बयान:

  • उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मतदाता पुनरीक्षण नहीं, बल्कि "वोट बंदी" करवा रहा है।
  • सवाल उठाया कि 2024 लोकसभा चुनाव में जिन मतदाताओं ने वोट दिया, क्या वे सभी फर्जी थे?
  • चुनाव आयोग को "कंफ्यूजन में" बताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया।
  • दावा किया कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने वाली है और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे, जिससे एनडीए सरकार घबराई हुई है।
  • आरोप लगाया कि एनडीए सरकार चोर दरवाजे से सत्ता में आना चाहती है और चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है।
  • आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड को चुनाव आयोग द्वारा मान्यता न देने पर सवाल उठाया और इसे गरीब, दलित, शोषित, वंचित समाज को वोट से वंचित करने की साजिश बताया।
  • कहा कि बिहार के 4 करोड़ लोग जो बाहर निवास करते हैं, उन्हें वोट से वंचित करने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को तुरंत वापस लेने की मांग की, अन्यथा 'इंडिया' गठबंधन "जेल भरो अभियान" शुरू करेगा।
  • कहा कि 22 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि चुनाव आयोग 11 दस्तावेजों को अवैध बताए।

विरोध प्रदर्शन में प्रमुख नेता मौजूद:
इस विरोध प्रदर्शन में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव, नसीम अख्तर, मोहम्मद हुसैन, राहुल केदार सिंह, पूर्व राजद अध्यक्ष अरुण यादव, मणि भूषण श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, अनिल यादव, मनोज यादव, मुनीलाल यादव, पवन यादव, शाहिद अख्तर, असलम अहमद, कुमार शिवम शाह, अवनीश यादव, पप्पू साहनी, कृष्णा दास, मुख्तार आलम, अमरेंद्र यादव, जितेंद्र प्रसाद, गौतम यादव, मिलन यादव, सनोज यादव, अनुराग यादव, मनोज अकेला, चांद विद्रोही, मुमताज अहमद, मनोज श्रीवास्तव, रमाकांत यादव, गौतम यादव, लाल बाबू यादव शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त, सीपीआई से विश्वनाथ यादव और प्रभाकर जयसवाल, सीपीएम से सत्येंद्र कुमार मिश्रा और शबनम खातून, विजय सिंह, सीपीआई से प्रभु देव यादव, कांग्रेस से पूर्व जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला और अखिलेश्वर यादव उर्फ भैया जी, मुमताज अहमद, अनवर आलम अंसारी, और वीआईपी से अशोक साहनी और अजय चौधरी भी मौजूद थे।
यह व्यापक बंद और विरोध प्रदर्शन आगामी राजनीतिक उठापटक का संकेत दे रहा है, जहां चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।