मोतिहारी में पाकिस्तान कनेक्शन! आधी रात पुलिस की रेड, साइबर ठगी में 2 गिरफ्तार, 11 ATM कार्ड बरामद
लोकल डेस्क, आकाश अस्थाना ।
- बेलिसराय में शुक्रवार देर रात करीब 1:20 बजे पुलिस की छापेमारी; पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क और भारतीय बैंक खातों व QR कोड के जरिए संदिग्ध लेन-देन का आरोप, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस।
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिला पुलिस ने साइबर अपराध और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। नगर थाना क्षेत्र के बेलिसराय इलाके में शुक्रवार की देर रात करीब 1:20 बजे पुलिस ने दो अलग-अलग किराये के मकानों में एक साथ छापेमारी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों के पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में रहने तथा भारतीय बैंक खातों और QR कोड के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर, संदिग्ध चैट और वित्तीय लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार किन-किन लोगों और राज्यों से जुड़े हैं तथा इसके जरिए अब तक कितनी रकम का अवैध लेन-देन किया गया है।
गुप्त सूचना पर एसपी के निर्देश में बनी विशेष टीम, दो ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थाना पुलिस को बेलिसराय इलाके में किराये के मकानों में रह रहे कुछ संदिग्ध युवकों के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में उनके पाकिस्तानी संपर्कों और मोबाइल के माध्यम से कथित साइबर ठगी की गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका जताई गई थी।
सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने शुक्रवार की देर रात बेलिसराय स्थित दो अलग-अलग मकानों में एक साथ छापेमारी की और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपित अलग-अलग किराये के मकानों में रह रहे थे। छापेमारी के दौरान उनके पास से 2 एंड्रॉयड मोबाइल और 11 एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क, भारतीय बैंक खातों के जरिए रकम का लेन-देन
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपित कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में थे। व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तानी नंबरों पर बातचीत किए जाने के साक्ष्य भी मोबाइल फोन की जांच में मिले हैं।
जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तानी संपर्कों के निर्देश पर भारतीय बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद संबंधित रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और निकासी के लिए किया जा रहा था।
हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में पाकिस्तानी संपर्कों की वास्तविक भूमिका, लेन-देन की कुल राशि और आरोपितों की संलिप्तता की सीमा का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
11 एटीएम कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से 11 एटीएम कार्ड और 2 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए हैं। बरामद एटीएम कार्ड में तीन फेडरल बैंक, एक IDFC First Bank, एक बैंक ऑफ इंडिया और अन्य भी कई बैंक के कार्ड शामिल है।
पुलिस के अनुसार, इन कार्डों पर राजू कुमार और राजू कुमार भगत के नाम दर्ज हैं। जब्त मोबाइल फोन में मौजूद व्हाट्सएप चैट, संपर्क नंबर, बैंकिंग गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बरामद बैंक कार्ड किन खातों से जुड़े हैं, इन खातों में कहां-कहां से रकम आई और किन माध्यमों से आगे ट्रांसफर की गई।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान और नेटवर्क की जांच
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पंकज गुप्ता और राजू कुशवाहा उर्फ राजू कुमार भगत के रूप में बताई गई है। राजू कुमार भगत की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। दोनों पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं और बेलिसराय इलाके में किराये के मकान में रह रहे थे।
पुलिस अब दोनों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित नेटवर्क में अन्य कितने लोग शामिल हैं और इसके तार किन-किन राज्यों अथवा अन्य देशों से जुड़े हैं।
छापेमारी टीम में ये पुलिस पदाधिकारी थे शामिल
इस कार्रवाई में सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस की टीम शामिल रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टीम में इंस्पेक्टर राजीव रंजन, दारोगा केवी हनुमंता, संतोष कुमार, सतीश कुमार, जमादार भीम यादव और महिला सिपाही पुतुल कुमारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस ने मामले में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गिरफ्तार दोनों आरोपितों से स्थानीय पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर भी आवश्यक जांच और समन्वय की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।






