नेशनल डेस्क, रानी कुमारी।
नई दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था निराशाजनक स्थिति में पहुंच चुकी है और मौजूदा व्यवस्था उस पीढ़ी को निराश कर रही है, जिसे देश का भविष्य तैयार करने के लिए तैयार किया गया था।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश के लाखों युवा ईमानदारी और मेहनत के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, लगातार बढ़ती फीस और जर्जर बुनियादी ढांचे जैसी समस्याएं शिक्षा व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर करती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की इन कमियों का सबसे अधिक असर छात्रों और युवाओं पर पड़ रहा है। मेहनत करने के बावजूद जब युवाओं को उचित अवसर नहीं मिलते और उन्हें लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो इससे उनके भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिस शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं को बेहतर अवसर और मजबूत भविष्य देना होना चाहिए, वही व्यवस्था उन्हें निराश कर रही है।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत उन लोगों से होनी चाहिए जो इस व्यवस्था से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं और छात्रों की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा को मजबूत किए बिना देश के युवाओं के भविष्य और देश की प्रगति को मजबूत नहीं किया जा सकता।







