नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली — लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए "वोट चोरी" का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे न केवल सीटें बल्कि सरकारें भी प्रभावित होती हैं।
राहुल गांधी ने अपने बयान में दावा किया कि लोकसभा में सत्ताधारी दल के कई सांसद कथित रूप से "वोट चोरी" के जरिए जीतकर आए हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि ऐसा है, तो क्या उन्हें उसी भाषा में "घुसपैठिया" कहा जाना चाहिए, जिसका इस्तेमाल भाजपा अक्सर करती रही है।
हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पूरी सरकार ही ऐसी प्रक्रिया का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास संस्थाओं पर नियंत्रण होता है, वे मतदाता सूचियों और चुनावी तंत्र में हेरफेर कर सकते हैं और खुद "रिमोट कंट्रोल" के जरिए संचालित होते हैं।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि यदि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं, तो सत्ताधारी दल 140 सीटों के आसपास भी नहीं पहुंच पाएगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भी सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee समेत कई विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, सत्ताधारी Bharatiya Janata Party ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह बयान विपक्ष की हताशा को दर्शाता है और चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्था पर इस तरह के आरोप लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता है।
गौरतलब है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में उल्लेखनीय जीत दर्ज करते हुए All India Trinamool Congress के लंबे समय से चले आ रहे शासन का अंत कर दिया है, जिसके बाद से चुनावी प्रक्रिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।






