मोतिहारी, एन. के. सिंह |
जिले में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध अब तेज होता दिख रहा है। इसी कड़ी में, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर मोतिहारी की सड़कों पर शनिवार को मुस्लिम समाज ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। 'वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ मुक्ति मोर्चा' द्वारा आयोजित एक विशाल जन रैली ईदगाह से शुरू होकर शहर के होमगार्ड मैदान पहुंची, जहां एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस कानून को किसी भी कीमत पर स्वीकार न करने का संकल्प दोहराया।
"सरकार कानून वापस ले, वरना खामोश नहीं बैठेंगे"
सभा में उपस्थित नेताओं और धर्मगुरुओं ने एक स्वर में कहा कि वक्फ संशोधन कानून किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है और इसके खिलाफ आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार इसे वापस नहीं ले लेती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो देश का मुस्लिम समाज खामोश नहीं बैठेगा।
नरकटिया विधायक डॉ. शमीम अहमद ने आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार की मौजूदा सरकारें संविधान को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा, "एक साजिश के तहत वक्फ संशोधन कानून लाकर वक्फ की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।" उन्होंने दावा किया कि अब देश के अमन पसंद लोग सरकार की नीतियों को समझ चुके हैं और वक्फ संशोधन कानून को वापस लेने के लिए इस आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
विधायक मनोज यादव ने भी इस कानून के खिलाफ समाज में बढ़ती जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को इसे हर हाल में वापस लेना होगा। मोतिहारी नगर की मेयर प्रतिकुमारी गुप्ता ने इस कानून को "अधिकारों में कटौती" करार देते हुए कहा कि यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज का हर अमन पसंद व्यक्ति केंद्र की नीतियों को बखूबी समझ चुका है।
जन रैली और एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष काजी मो. रजा अमजदी ने की, जबकि संचालन सीनियर सहाफी ओजैर अंजुम ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेन्द राम, तनवीर खान, हसन शाहिद, ढाका जामा मस्जिद के इमाम मौलाना नजरूल मोबीन, प्रो. इकबाल हुसैन, विश्वनाथ यादव, अंजुमन इस्लामिया के सदर डॉ. तबरेज अजीज, डॉ. मंजर नसीम, पूर्व एडीजे सत्यनारायण राम, सोहैल शाहिल, डॉ. कासीम अंसारी, विनोद श्रीवास्तव और डॉ. हामिद जफर सहित कई प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार साझा किए।
इससे पूर्व, शहर के ईदगाह परिसर से एक विशाल जन रैली निकाली गई। यह रैली शहर के गांधी चौक, हॉस्पिटल और कचहरी रोड से होते हुए होमगार्ड के मैदान पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन ने सरकार को एक स्पष्ट संदेश दिया कि मुस्लिम समुदाय वक्फ संपत्तियों और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने को तैयार है।







