राज्य डेस्क, रविशंकर।
उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा डॉ. राहुल राज ने
पटना। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. राहुल राज ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ से मुलाकात कर वित्त रहित एवं अनुदानित विद्यालयों-महाविद्यालयों के शिक्षकों को नियमित वेतनमान दिलाने की मांग की।
डॉ. राहुल राज ने मंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवा दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को अभी तक सम्मानजनक वेतनमान व अन्य सेवा-सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। इससे वे आर्थिक और पारिवारिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समस्या का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सरकार के स्तर पर समयबद्ध और ठोस फैसला होना चाहिए।
ज्ञापन में मुख्य मांग यह रखी गई कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक शीघ्र बुलाई जाए। ताकि वित्त रहित व्यवस्था की विसंगतियों को दूर कर वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों-कर्मचारियों को सम्मानजनक सेवा आधार और वेतनमान संबंधी लंबित मामलों का स्पष्ट समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. राहुल राज ने जोर दिया कि जो शिक्षक बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं, उनके सम्मान, अधिकार और नियमित वेतनमान की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सकारात्मक पहल करेगी।
शिक्षक समुदाय ने डॉ. राहुल राज की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं को सरकार के उच्चतम स्तर तक पहुंचाने का उनका प्रयास शिक्षक हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिक्षकों को उम्मीद है कि इस मुलाकात से अनुदानित संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों की पुरानी समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा।
डॉ. राहुल राज ने कहा,
“शिक्षक हित मेरे लिए सर्वोपरि है। सम्मानजनक वेतनमान और स्थायी समाधान जैसे सभी मुद्दों को लेकर मैं शिक्षक समाज की आवाज को सरकार के हर स्तर तक मजबूती से पहुंचाने का प्रयास करता रहूंगा।”
बिहार में वित्त रहित और अनुदानित शिक्षण संस्थानों के हजारों शिक्षक-कर्मचारी लंबे समय से नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की मांग करते आ रहे हैं। सरकार ने इस दिशा में उच्चस्तरीय समिति गठित की है, लेकिन ठोस निर्णय अभी लंबित हैं। डॉ. राहुल राज की यह पहल उसी दिशा में एक और प्रयास के रूप में देखी जा रही है।






