स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
सितंबर में शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्ले से इतिहास रचा, तो शैफाली वर्मा ने एशिया कप और एशियन गेम्स में धूम मचा दी। दोनों के इसी जबरदस्त प्रदर्शन ने उन्हें सितंबर 2026 का आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ बना दिया।
भारतीय क्रिकेट के लिए मंगलवार का दिन बड़ी उपलब्धि लेकर आया। भारत के कप्तान शुभमन गिल और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा को सितंबर 2026 के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया। गिल ने पुरुष वर्ग में रिकॉर्ड पांचवीं बार, जबकि शैफाली ने महिला वर्ग में दूसरी बार यह सम्मान अपने नाम किया। आईसीसी के अनुसार एक ही बोर्ड के खिलाड़ियों का दोनों पुरस्कार जीतना पांचवीं बार हुआ है और भारतीय खिलाड़ियों ने यह कारनामा तीसरी बार किया है।
गिल ने दो मैचों में ठोक दिए 333 रन
शुभमन गिल के चयन की सबसे बड़ी वजह सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी रिकॉर्डतोड़ वनडे बल्लेबाजी रही। तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में गिल ने 333 रन बनाए।
तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में उन्होंने 108 गेंदों पर 110 रन बनाए। इसके तीन दिन बाद गुवाहाटी में गिल ने ऐसी पारी खेली जिसने वनडे क्रिकेट के कई रिकॉर्ड बदल दिए।
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में गिल ने सिर्फ 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 26 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। भारत ने 406/2 रन बनाकर यह लक्ष्य 43.3 ओवर में हासिल कर लिया।
गिल ने इस पारी के दौरान सिर्फ 62 गेंदों पर शतक और 117 गेंदों पर दोहरा शतक पूरा किया। 117 गेंदों में दोहरा शतक वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक है। उनकी 223 रन की नाबाद पारी सफल वनडे रन चेज में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है।
यही प्रदर्शन उन्हें अब तक का पांचवां ICC Men's Player of the Month Award दिलाने के लिए काफी रहा। गिल इस पुरस्कार को पांच बार जीतने वाले पुरुष क्रिकेट के पहले खिलाड़ी हैं।
ICC रैंकिंग में भी गिल नंबर-1
गिल के लिए सितंबर का प्रदर्शन रैंकिंग के लिहाज से भी शानदार रहा। मौजूदा ICC वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शुभमन गिल 841 रेटिंग अंकों के साथ नंबर-1 पर हैं।
डेरिल मिचेल 794 अंकों के साथ दूसरे और विराट कोहली 781 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। यानी गिल सिर्फ प्लेयर ऑफ द मंथ नहीं बने, बल्कि वनडे बल्लेबाजी की दुनिया में भी इस समय शीर्ष पर कायम हैं।
शैफाली ने एशिया कप से एशियन गेम्स तक मचाई तबाही
महिला वर्ग में शैफाली वर्मा का सितंबर भी किसी रिकॉर्ड बुक से कम नहीं रहा। उन्होंने सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 360 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 72.00 और स्ट्राइक रेट 184.61 रहा। खास बात यह रही कि बल्ले के साथ गेंद से भी उन्होंने छह विकेट चटकाए।
महिला एशिया कप में शैफाली टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने पांच पारियों में 236 रन बनाए। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 64 और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 68 रन बनाकर उन्होंने भारत को खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप जीता।
इसके बाद एशियन गेम्स में शैफाली का बल्ला और भी ज्यादा आक्रामक नजर आया। उन्होंने तीन पारियों में 188 रन बनाए। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में शैफाली ने सिर्फ 49 गेंदों पर नाबाद 100 रन ठोककर अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा। फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 48 रन बनाए और गेंद से दो विकेट भी लिए। भारत ने फाइनल 147 रन से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
शैफाली की ICC रैंकिंग भी टॉप-4 में
सितंबर के तूफानी प्रदर्शन का असर शैफाली की आईसीसी रैंकिंग पर भी पड़ा। मौजूदा ICC महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में शैफाली वर्मा 759 रेटिंग अंकों के साथ चौथे नंबर पर हैं।
बेथ मूनी 785 अंकों के साथ पहले, जॉर्जिया वोल 779 के साथ दूसरे और लॉरा वोल्वार्ड्ट 766 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। शैफाली 759 अंकों के साथ चौथे स्थान पर हैं।
यानी शैफाली ने सितंबर में सिर्फ पुरस्कार नहीं जीता, बल्कि शानदार प्रदर्शन के दम पर आईसीसी की टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में भी टॉप-4 में जगह बनाई।
एक ही महीने में भारत का डबल धमाका
शुभमन गिल और शैफाली वर्मा की कहानी में एक खास समानता है। दोनों ने सितंबर में सिर्फ व्यक्तिगत रन नहीं बनाए, बल्कि अपनी टीमों की बड़ी जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ रिकॉर्ड 223 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि शैफाली ने एशिया कप और एशियन गेम्स दोनों में भारत की खिताबी जीत में बड़ा योगदान दिया। यही वजह रही कि सितंबर के ICC Player of the Month पुरस्कार पर दोनों भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा रहा।
एक तरफ गिल का रिकॉर्डतोड़ दोहरा शतक, दूसरी तरफ शैफाली का तूफानी शतक सितंबर में भारतीय क्रिकेट के इन दोनों सितारों ने बल्ले से ऐसा असर छोड़ा कि ICC का सबसे बड़ा मासिक व्यक्तिगत सम्मान भी उनके नाम हो गया।






